शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
यादव महासभा के तत्वावधान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व लगातार 24 वीं वर्ष नगर मैं धूमधाम से मनाया गया।
नगर के दशहरा मैदान संस्कृति भवन मैं भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकी सजाई गई, पुरोहितों वरिष्ठजनों द्वारा पूजन अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली। जो नगर के सागर भोपाल मार्ग पुराना बस स्टैंड, महाराणा प्रताप रोड, शिवालय मंदिर से पुराना बस स्टैंड से पुनः दशहरा मैदान पहुँची। शोभायात्रा मैं भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकी, राधाकृष्ण के बाल स्वरूप, ढोल अखाड़ों के हैरतअंगेज पर्दशन ने सभी का मनमोह लिया, वहीं दो किलोमीटर की शोभायात्रा मैं अखाड़ो ने लेजम-पताशे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा बना दिया। शोभायात्रा के दौरान जगह जगह भगवन श्रीकृष्ण की प्रतिमा की पूजन उपरांत पुष्पवर्षा दही दूध का वितरण किया गया। इसके बाद दशहरा मैदान मैं मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रुप मैं सागर से पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, विशेष अतिथि पूर्व मंत्री रामपाल सिंह राजपूत, सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल, यादव समाज प्रदेश उपाध्यक्ष शेरसिंह यादव, कांग्रेस नेता राजेन्द्र सिंह तोमर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक बंधु सहित सभी समाजों के लोगों ने बढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल द्वारा सुल्तानगंज में यादव समाज के भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से 10 लाख, कक्षा 10 वी, 12 वी में 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाली यादव समाज की बालिकाओं को 5 – 5 हजार एवं हिन्दू उत्सव समिति को दशहरा मैदान पर सेड निर्माण सहित अन्य कार्य कराने के लिए 20 लाख रुपए देने की मंच से घोषणा करते ही यादव समाज ने करतल ध्वनि से विधायक पटेल का स्वागत किया। मटकी फोड़ स्पर्धा में चार टोलियों ने भाग लिया लेकिन प्रथम प्रयास में ही श्रीदुर्गा अखाड़ा माला फाटक बेगमगंज की टोली ने मटकी फोड़कर 21 हजार का इनाम जीत लिया। अतिथियों का सम्मान, प्रतिभावान छात्र- छात्राओं का अतिथियों द्वारा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन शुरू हुआ जिसमें गोविंदाओं ने मटकी फोड़ प्रतियोगिता मैं भाग लिया, जिसमें कुशवाहा समाज के गोबिंदाओ ने पहले ही प्रयास मैं मटकी फोड़ने मैं सफलता हासिल की और अतिथियों द्वारा 21000 रुपये का पुरुस्कार प्राप्त किया।
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की आधी रात को मथुरा के कारागार में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था
श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार हैं। इन्हें कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी जाना है। श्रीकृष्ण का जन्म द्वापरयुग में हुआ था। कृष्ण वासुदेव और देवकी की 8वीं संतान थे।
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की आधी रात को मथुरा के कारागार में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था. श्रीकृष्ण के जन्म की इसी शुभ घड़ी का उत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में जन्म लिया था. अष्टमी तिथि को रात्रिकाल अवतार लेने का प्रमुख कारण उनका चंद्रवंशी होना है. श्रीकृष्ण चंद्रवंशी, चंद्रदेव उनके पूर्वज और बुध चंद्रमा के पुत्र हैं. इसी कारण चंद्रवंश में पुत्रवत जन्म लेने के लिए कृष्ण ने बुधवार का दिन चुना