धीरज जॉनसन, दमोह
पर्यटन एक समावेशी उद्योग है जो विभिन्न पृष्ठभूमि और कौशल स्तरों के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करता है गेस्ट हाउस, रेस्तरां जैसे छोटे पैमाने के उद्यम जरूरतमंदों के आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। वैसे तो शहर और जिले में इस तरह के अवसर पैदा करने वाले काफी स्थल है परन्तु शहर के निकट राजनगर और सद्धरु डैम में अगर गॉर्डन,पौधारोपण, सड़क मार्ग, पैडल वोटिंग, ई वोटिंग, फ्लोटिंग स्टेज इत्यादि सुविधाएं मुहैया कर दी जाएं तो पर्यटन और इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते है।

पिछले दिनों तापमान में वृद्धि का असर आम जीवन पर देखा और सुना गया जिसके बाद एक नई ऊर्जा और योजना के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक कदम भी बढ़ाए गए है अधिकांश स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम और अभियान के माध्यम से लोगों को पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है कुछ स्वयं और समाजसेवी भी आगे आकर पौधारोपण कर रहे है जिससे आनेवाले समय में गर्मी के संकट से बचा जा सके।

दमोह शहर से लगभग 5 किमी दूर राजनगर तालाब और शहर से लगभग 18 किमी दूर सद्धरु डैम के आसपास दिखाई देती खाली भूमि पर भी पौधारोपण / वृक्षारोपण की असीम संभावना व्यक्त की जा रही है जिससे पर्यावरण संरक्षित होगा साथ ही उक्त स्थल पर्यटकों को आकर्षित भी कर सकते है।
वैसे तो राजनगर तालाब से पिछले कई सालों से शहर को जलापूर्ति होती है जहां एक पार्क भी है तालाब में प्रवासी पक्षी भी बहुतायत से है और लोगों को अक्सर यहां आते देखा जाता है परन्तु तालाब के कुछ बाहरी हिस्से में जहां वर्तमान में कृषि कार्य दृष्टव्य है जिसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव तालाब में पानी पर हो सकता है,वहां पौधारोपण किया जा सकता है जिससे भविष्य में पानी का वाष्पीकरण कम होगा, तालाब गंदा होने से बचेगा और कैचमेंट एरिया भी बढ़ सकता है।
इसी तरह सद्धरु डैम के इर्द गिर्द दिखाई देते टापू और स्थानों पर भी लाखों पौधे लगाए जा सकते है और गार्डन विकसित किया जा सकता है और अगर संभव हो तो डैम में वॉटर स्पोर्ट्स,क्रूज, पैडल, ई वोटिंग इत्यादि की सुविधा दी जा सकती है जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है और प्राकृतिक खूबसूरती भी बढ़ेगी।

इनका कहना है:
“सद्धरु और राजनगर में पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से कार्य किए जा सकते है जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रिजॉर्ट, पिकनिक स्पॉट, वोटिंग को बढ़ावा देने योग्य स्थान है, प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफी का शौक रखने वालों के लिए भी उपयुक्त स्थान हो सकता है। अगर कहीं अतिक्रमण जैसे हालात है तो उसे तुरंत हटाया जाए”
नित्या प्यासी, सदस्य फुटेरा तालाब संरक्षण समिति (दमोह)

“अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने के लिए सबको एकजुट होकर रुचि लेना चाहिए। जब हमारे शहर के आसपास पौधारोपण के लिए इतने अच्छे स्थल मौजूद है तो तुरंत इन्हें सुरक्षित कर प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा दिया जाना चाहिए इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।हम सबने पिछले सालों में कोरोना और गर्मी को सहन किया है अब सचेत होकर अच्छे भविष्य की कामना करें”
–अनुराग (शेरा) जैन/समाजसेवी (दमोह)