देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
एक तरफ सरकार भृष्टाचार खत्म करने की कवायद में जुटी है तो दूसरी तरफ सांची जप अंतर्गत आने वाली पंचायतों में सरकार की राशि गोलमाल करने थमने का नाम नहीं ले रही है ।इन दिनो जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद उनकी सख्त कार्यप्रणाली के चलते गाज सरकारी राशि को चूना लगाने वालों पर आये दिन गिरती दिखाई दे रही है ऐसा ही एक और मामला सामने आया है । जानकारी के अनुसार जंप सांची अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सचिव सरपंच की सरकार की राशि हड़पने वालों की अब खैर नहीं दिखाई दे रही है जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में ऐसे मामले आते ही सख्त कार्यशैली के चलते भृष्टाचारियो पर कार्रवाई की जा रही है बताया जाता है कि हाल ही में अंबाडी पंचायत के तत्कालीन सचिव लक्ष्मी नारायण शाक्या की विधायक निधि से सीसी रोड निर्माण कार्य की राशि हड़पने का मामला जनपद पंचायत की जांच में सामने आया था इस जांच रिपोर्ट पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजू भदौरिया ने दोषी पाते हुए बिना सीसी रोड निर्माण किये 1 लाख 49 हजार रुपए की राशि हड़पने के खेल में सचिव लक्ष्मी नारायण शाक्या को निलंबित कर दिया तथा इस निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जप कार्यालय सांची नियत किया गया है कुछ दिन पूर्व भी बिना निर्माण कार्य कराये गये राशि आहरण करने पर तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को दोषी मानते हुए राशि जमा करने के नोटिस ग्राम पंचायत सरचंपा की सविता बाई एवं सचिव कल्लू शाक्य को लाखों रुपए जमा करने के नोटिस थमा दिए गए थे इसी प्रकार नया पुरा की तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को बिना कार्य किए राशि आहरित करने पर राशि जमा करने के नोटिस जारी किए गए तथा राशि जमा न करने कि स्थिति में कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे अब सांची जंप अंतर्गत आने वाली अम्बाडी पंचायत के तत्कालीन सचिव को भी निलंबित किया गया है हालांकि ऐसा नहीं है कि सरकारी राशि हड़पने का खेल केवल इन्हीं पंचायत में खेला गया हो जंप सांची अंतर्गत अनेक पंचायत में ऐसी चर्चा सुनने को मिलती रहती है परन्तु कार्यवाही नहीं हो पाती थी अब ऐसे मामलों पर जिला पंचायत सीईओ की सख्त कार्रवाई का डंडा चलना शुरू हो गया है जप अंतर्गत आने वाली शासन की योजना के नाम पर राशि को पलीता लगाने की अन्य पंचायत की जांच करने पर सामने आने से इंकार नहीं किया जा सकता है इसके साथ ही इस जप अंतर्गत मनरेगा योजना भी इस भृष्टाचार से अछूती नहीं रही है इस योजना की भी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाये तो बड़े गड़बड़ झाले भी उजागर होने से इंकार नहीं किया जा सकता है तथा इस योजना में मजदूरों के नाम पर मशीन से काम करवाने के मामले भी सामने आने से इंकार नहीं किया जा सकता । ऐसा भी नहीं है कि इस सरकार की राशि को पलीता लगाने केवल सरपंच सचिव ही दोषी रहते हों जबकि निर्माण की जिम्मेदारी उपमंत्री सहित अन्य जिम्मेदार ऐसी जांच से बचकर निकलने में सफल हो जाते हैं । उच्च स्तरीय जांच हो तो अनेक पंचायत सरकारी राशि के हेरफेर में लिप्तता उजागर होने से इंकार नहीं किया जा सकता है । इस मामले में इनका कहना है।। हमने अंबाडी पंचायत की जांच की थी जिसमें तत्कालीन सचिव द्वारा विधायक निधि से प्राप्त राशि 1 लाख 49 हजार आहरित कर ली गई थी परन्तु सीसी रोड निर्माण नहीं कराया गया इस जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत सीईओ मेडम द्वारा तत्कालीन सचिव पर कार्रवाई करते हुए निलंबित किया गया है ।बंदु सूर्यवंशी सीईओ जप सांची