रिपोर्ट धीरज जॉनसन,दमोह
दमोह जिले के ग्रामीण अंचलों में कहीं कहीं सरकारी विद्यालयों से शिक्षकों की लापरवाही, निर्धारित समय पर न पहुंचना और जल्दी वापस होने एवं अध्यापन में अरुचि की जानकारी सामने आती रही है जिसका प्रभाव छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ता है विभाग के आदेश और नियमों की अवहेलना करते शिक्षक वेतन तो लेते है पर कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार प्रतीत नहीं होते है।
जिले के मुड़िया के निकट ग्राम बरी की एकीकृत शासकीय नवीन माध्यमिक शाला के हालात भी कुछ ऐसे ही है जहां 5 शिक्षक और 67 छात्र है पर बच्चें यहां दिखाई नहीं देते और शिक्षक कक्ष में समय बिताते है,शेष कमरों और परिसर में क्या हो रहा है इन सब बातों से आंख मूंदे रहते है।

गुरुवार को यहां पर दो शिक्षकों द्वारा हस्ताक्षर करके निर्धारित समय से पहले चले जाने की जानकारी सामने आई और स्कूल के कमरे में गृहस्थी दिखाई दी। जानकारी यह प्राप्त हुई कि स्कूल के कमरों में पिछले 15 दिनों से फसल काटने वाले रुके हुए है जिनके चूल्हे और अन्य सामग्री परिसर में फैली हुई थी और इन मजदूरों के बच्चें आराम करते,परिसर में घूमते दिखाई दिए। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है जिससे बच्चे लिखने पढ़ने में भी कमजोर है, परंतु कोई ध्यान नहीं देता है। आश्चर्य यह है कि विभाग द्वारा लगातार विद्यालयों की मॉनिटरिंग करने के बावजूद ग्रामीण इलाकों के बच्चे लाभान्वित नहीं हो पा रहे है।

इस संबंध में परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा एम द्विवेदी का कहना था कि तत्काल दिखवाते है और बी आर सी ललित रैकवार का कहना था कि जांच कर कार्यवाही की जाएगी।