एक बार फिर से लालू परिवार (Lalu family) की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। दरअसल, लैंड फॉर जॉब मामले (Land for job scam) में ED ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट (chargesheet) में बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी (Rabri devi), मीसा भारती, हिमा यादव,हृदयानंद चौधरी समेत अमित कत्याल का नाम शामिल है। इसके साथ ही दो फर्मों को भी आरोपी बनाया है। कोर्ट ने ईडी को चार्जशीट और दस्तावेजों की ई-कॉपी भी दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं इस मामले की सुनवाई 16 जनवरी को होगी।
ईडी की इस मामले पहली चार्जशीट है जबकि सीबीआई 3 चार्जशीट फाइल कर चुकी है। ईडी से पहले सीबीआई (CBI) ने केस दर्ज किया था, जो दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में ही चल रहा है। सात अक्टूबर, 2022 को सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। वहीं कोर्ट ने चार अक्टूबर, 2023 को तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को जमानत प्रदान की थी। इसके बाद कोर्ट ने 22 सितंबर, 2023 को सीबीआई की ओर से दाखिल दूसरी चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।
जानिए क्या है पूरा मामला?
कथित घोटाला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004 से 2009 तक कई लोगों को भारतीय रेल के विभिन्न जोन में ‘ग्रुप डी’ के पदों पर नियुक्त किया गया और इसके बदले में इन लोगों ने अपनी भूमि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद एवं ए.के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की थी। इस घोटाले का मास्टरमाइंड भोला यादव को माना जा रहा है। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे थे। बता दें कि सीबीआई द्वारा भोला यादव और हृदयानंद चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी का मामला, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एक शिकायत से उपजा है। इस मामले में सीबीआई पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।