राज्यमंत्री नरेंन्द्र शिवाजी पटेल के तीखे तेवर:: प्रशासन ने किया अमल अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए हुईं सख्त कार्रवाई
बरेली उदयपुरा रेत खदानों से अवैध खनन एवं परिवहन नहीं रूकने पर कलेक्टर अरबिद दुबे ने जिला खनिज अधिकारी, सहायक खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक को जारी किया शोकॉज नोटिस
नोटिस का तीन दिवस में संतोषजनक उत्तर नहीं देने पर एक पक्षीय होगी कार्यवाही – कलेक्टर
यशवंत सराठे बरेली रायसेन
जिले में माइनिंग विभाग की 56 रेत खदानों पर रेत अवैध खनन परिवहन पर चाहकर भी प्रतिबन्ध नहीं लग पा रहा था। यह सभी रेत की खदानें नर्मदा नदी तट पर स्थित हैं।
जिले की तहसील बरेली की बगलबाड़ा अलीगंज कोटपार गणेश डूमर पतई,उदयपुरा की चौरास बौरास केलकच्छ रेत खदानों से अवैध खनन एवं परिवहन की शिकायतें प्राप्त होने के उपरांत भी संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं किए जाने ।अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर अरविंद दुबे ने जिला खनिज अधिकारी आरके कैथल, सहायक खनिज अधिकारी सुमित गुप्ता और खनिज निरीक्षक अर्चना ताम्रकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधियों एवं समाचार पत्रों के माध्यम से तहसील बरेली एवं उदयपुरा देवरी की रेत खदानों से अवैध खनन और परिवहन होने की जानकारी संज्ञान में आने पर कलेक्टर दुबे ने जिला खनिज अधिकारी आरके कैथल सहित संबंधित अधिकारियों को निरंतर जांच कर अवैध खनन एवं परिवहन पर रोक लगाते हुए इस कार्य में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध विधिवत कार्यवाही के निर्देश दिए थे। जिस पर जिला खनिज अधिकारी के क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन नहीं होने की जानकारी दी गई थी। इसके उपरांत भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाचार पत्रों से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की जानकारी संज्ञान में आना संबंधितों द्वारा शासकीय कर्तव्य के प्रति उदासीनता और गंभीर लापरवाही को प्रदर्शित करता है। साथ ही वरिष्ठ के आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में होकर अनुशासनहीनता का परिचायक है। जो कि मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
कलेक्टर दुबे द्वारा जिला खनिज अधिकारी आरके कैथल, सहायक खनिज अधिकारी सुमित गुप्ता तथा खनिज निरीक्षक श् अर्चना ताम्रकार उनके को पदीय दायित्वों का भलीभांति निर्वहन नहीं करने तथा लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस में उत्तर देने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में उत्तर नहीं देने या उत्तर संतोषजनक नहीं होने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

राज्यमंत्री पटेल का कड़ा रवैया —
यह उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के समय भाजपा प्रत्याशी के रूप में नरेन्द्र शिवाजी पटेल क्षैत्र में भ्रमण कर रहे थे तो उन्हें रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की कई शिकायतें मिली थीं पटेल ने लोगों को अस्वस्थ किया था कि चुनाव के बाद इस सम्बन्ध में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे रायसेन जिला प्रशासन का यह कदम राज्यमंत्री नरेंन्द्र शिवाजी पटेल की मंशा के अनुरूप समझा जा रहा है |