इंदौर। महंगाई रोकने के लिए सरकार की सख्त नीति के कारण दलहन बाजार भारी हताशा के दौर से गुजर रहा है। बाजार में लेवाल कम और बिकवाल ज्यादा है। सरकारी खौफ इतना हावी है कि बिक्री के अभाव में मिलें भी पूरी क्षमता से नहीं चल रही हैं। दाल मिलों ने उत्पादन घटा दिया है। आटा रवा में भी मांग कमजोर हैं।
छोटे/मध्यम व्यापारी व्यापारी खासे डरे हुए हैं। नाफेड 10 लाख टन से ज्यादा चना खरीद चुकी है ऐसे में कारोबारियों को डर है कि सरकार कभी भी एमएसपी से नीचे बाजार में चना बेच सकती है। चने का स्टाक भी भरपूर है। हालांकि कारोबारी शंका जता रहे हैं कि भविष्य में तेजी पर सरकार का नियंत्रण नहीं रह सकेगा। होगा ये कि अभी डर से स्टाक नहीं होगा ऐसे में आगे बाजार मांग की पूर्ति नहीं कर सकेगा।
प्रमुख जिंसों में गुरुवार की धारणा
– सोयाबीन: ऊंचे भाव में दिवशी की मांग कमजोर होने की वजह से और मक्का के भाव हद से ज्यादा कम हो चुके हैं इसी के चलते मांग कमजोर हो चुकी है दोपहर के बाद ₹25 से ₹50 की मंदी के आसार
– खाद्य तेल: ज्यादा आयात और पोर्ट पर ज्यादा स्टॉक रहने की वजह से आज ₹5 से ₹10 की मंदी की उम्मीद
– सरसों: प्रमुख मंडियों में जितनी जरूरत है उतनी आवक हो रही है इसी के चलते बाजार पर दबाव बना रहेगा आज दोपहर के बाद ₹25 से ₹50 की मंदी की उम्मीद
– मक्का: धीरे-धीरे आवक बढ़ रही है, ज्यादा मात्रा में बांग्लादेश को निर्यात नहीं हो रहा है, इसी के चलते बाजार पर दबाव बना रहेगा
– गेहूं: धीरे-धीरे में मंडियों में आवक बढ़ेगी लेकिन फिलहाल ज्यादा मंदी की उम्मीद नहीं है, बाजार आज स्थिर ही रहेंगे।
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