सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा, एक सप्ताह में तीसरी बड़ी दुर्घटना; दो दिन पहले कार-बाइक भिड़ंत में तीन लोगों की हुई थी मौत
मुकेश साहूदीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज बरजोरपुर रोड के सामने विदिशा से इटारसी जा रहा नया ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरी खाई में पलट गया। गनीमत रही कि चालक ट्रैक्टर के नीचे नहीं आया और उसकी जान बच गई। यदि ट्रैक्टर थोड़ा और आगे बढ़ जाता तो पास में पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर विदिशा से भोपाल होते हुए इटारसी जा रहा था। देर रात अचानक सामने से दूसरा वाहन आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रैक्टर को सड़क से नीचे उतार दिया। सड़क से नीचे उतरते ही ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और करीब 10 फीट गहरी खाई में जाकर पलट गया। दुर्घटना में चालक बाल बाल बच गया।
हादसे के बाद सुबह जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद ट्रैक्टर को इटारसी ले जाया गया।
एक सप्ताह में तीसरी दुर्घटना, तीन लोगों की जा चुकी है जान
हाईवे-18 पर एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी दुर्घटना है। दो दिन पहले ही दाल मिल चौराहे से आगे देहरी तालाब के पास कार और बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई थी। इस हादसे में भोपाल निवासी दो और रेहटी निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं, इससे दो दिन पहले पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज के सामने दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें एक का इलाज विदिशा और दूसरे का भोपाल में चल रहा है।

टेढ़े-मेढ़े मोड़ और गड्ढे बन रहे हादसों की वजह
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर हर एक-दो दिन में दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे के अंधे मोड़, सड़क पर बने गड्ढे और वाहनों का अत्यधिक दबाव हादसों की प्रमुख वजह बन रहे हैं। इस मार्ग से रोजाना 12 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर एक साल में 40 से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होने की बात सामने आई है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जबकि भोपाल विदिशा हाईवे 18 को फोर लाइन में बदलने की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन रोड पर काम कब से लगेगा यह कहना मुश्किल है। न जाने जब तक और कितनी दुर्घटना होगी।