बजरंग दल ने भी दिया धरना, पुलिस ने खुलवाया जाम
छात्रावास की छात्राएं भी पहले सौंप चुकी हैं ज्ञापन
महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से की दुकान हटाने की मांग
अब प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें
तारकेश्वर शर्मा सिलवानी रायसेन
रायसेन जिले के सियरमऊ में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। शुक्रवार को ग्रामीण महिलाएं सड़क पर उतर आईं, वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी धरना देकर शराब दुकान का विरोध किया। प्रदर्शन के चलते सड़क पर जाम लग गया और काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचकर मशक्कत करनी पड़ी। बाद में पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात बहाल कराया। वहीं, महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

महिलाओं और बजरंग दल ने जताया विरोध
सियरमऊ में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण महिलाएं और बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान को क्षेत्र से हटाने की मांग उठाई। विरोध के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

छात्रावास की छात्राएं भी उठा चुकी हैं मुद्दा
शराब दुकान को हटाने का मामला पहले भी प्रशासन के सामने पहुंच चुका है। बीती 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में जनजातीय बालिका छात्रावास की छात्राओं ने भी शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। छात्राओं की ओर से यह मुद्दा उठाए जाने के बाद अब ग्रामीण महिलाओं और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के विरोध ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।

पुलिस ने खुलवाया जाम, महिलाओं ने सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जाम लगने से यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभालने और आवागमन बहाल कराने के लिए प्रयास किए। काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया। इस बीच महिलाओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान हटाने की मांग दोहराई।
अब प्रशासन के फैसले का इंतजार
सियरमऊ में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं और ग्रामीणों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। छात्रावास की छात्राओं द्वारा पहले ही ज्ञापन दिए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। ग्रामीणों की मांग पर शराब दुकान को हटाया जाएगा या कोई अन्य व्यवस्था की जाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।