अपशिष्ट से उपयोगी सामग्री बनाने का रचनात्मक प्रयास
भोपाल। बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भेल, भोपाल की एनसीसी इकाई द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “वेस्ट टू वंडर (Waste to Wonder)” गतिविधि का आयोजन किया गया प्राचार्य डा संजय जैन ने बताया कि गतिविधि का मुख्य उद्देश्य अपशिष्ट पदार्थों के पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों में रचनात्मकता और सतत विकास की भावना विकसित करना था।

इस गतिविधि के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स ने अनुपयोगी एवं अपशिष्ट सामग्रियों का पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग कर अनेक आकर्षक और उपयोगी उत्पाद तैयार किए। कैडेट्स द्वारा कागज के थैले (पेपर बैग) बनाकर पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया। कैडेट नितेश राय, बी.ए. प्रथम वर्ष ने अनुपयोगी बोतल से सुंदर फूलदान तथा पॉलीथिन से सजावटी फूल बनाए। ममता गुजराती, बी.ए. द्वितीय वर्ष ने वेस्ट कप से आकर्षक झूमर तैयार किया, जबकि आशुतोष सोनी, बी.एससी. प्रथम वर्ष ने कार्डबोर्ड से उपयोगी डस्टबिन का निर्माण किया।

इसके अतिरिक्त कैडेट्स ने वेस्ट मटेरियल से पेन होल्डर, सजावटी फैंसी चूड़ियाँ, प्लांट होल्डर, फ्लावर पॉट सहित विभिन्न सजावटी एवं उपयोगी वस्तुएँ बनाईं। इन कलात्मक उत्पादों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह प्रदर्शित किया कि उचित सोच और रचनात्मक प्रयासों से अपशिष्ट सामग्री को भी उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है।

कार्यक्रम के माध्यम से कैडेट्स को Reduce, Reuse और Recycle महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों के अनियंत्रित उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के आयोजन में एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. वर्षा चौहान ,श्रीमती आरती पटेल एवं श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा का सहयोग रहा।इस पहल ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने तथा दैनिक जीवन में पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संदेश था—कचरे को समझें संसाधन, पुनः उपयोग से करें पर्यावरण का संरक्षण।
