दस दिवसीय व्रत पूर्ण होने पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
– अहिंसा परमो धर्म और भगवान महावीर के जयकारों से गूंजा नगर
– सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर शनिवार को रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के कस्बा गढ़ी में जैन समाज द्वारा भव्य धार्मिक शोभायात्रा निकाली गई दस दिवसीय पर्युषण पर्व के दौरान व्रत, तप, संयम और धार्मिक आराधना करने के बाद समाजजनों ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ शोभायात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर धार्मिक वातावरण में सराबोर नजर आया।
शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य बाजार स्थित बड़े जैन मंदिर से हुआ। मंदिर में पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बाद जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा मुख्य बाज़ार नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई बस स्टैंड स्थित धर्मशाला पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों द्वारा शोभायात्रा का स्वागत किया गया।

शोभायात्रा में भगवान महावीर स्वामी के जयकारों के साथ “अहिंसा परमो धर्मः” का संदेश गूंजता रहा। श्रद्धालु धार्मिक भावनाओं के साथ भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलने, जीव मात्र के प्रति दया रखने, संयम एवं अहिंसा का पालन करने का संदेश देते हुए आगे बढ़ रहे थे। महिलाओं एवं बच्चों की सहभागिता ने शोभायात्रा की धार्मिक छटा को और आकर्षक बना दिया।
व्रत, तप और संयम का संदेश
पर्युषण पर्व जैन समाज के लिए आत्मशुद्धि, तप, संयम, क्षमा और आत्मचिंतन का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। दस दिनों तक समाजजनों द्वारा धार्मिक आराधना, उपवास, व्रत एवं तपस्या की गई। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने आचरण का आत्मावलोकन करते हुए भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
जैन समाजजनों ने बताया कि भगवान महावीर ने संसार को अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य जैसे सिद्धांतों का संदेश दिया। पर्युषण पर्व इन्हीं सिद्धांतों पर चिंतन करने और अपने जीवन में संयम एवं सदाचार को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।

धार्मिक गीतों और जयकारों से गूंजा नगर
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक गीतों, भजनों और भगवान महावीर के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल बच्चे और महिलाएं भी धार्मिक उत्साह के साथ आगे बढ़ते नजर आए।
समाजजनों ने पर्युषण पर्व के दौरान किए गए व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णता पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। साथ ही समाज में प्रेम, भाईचारा, क्षमा, अहिंसा और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया।
शोभायात्रा के समापन अवसर पर समाजजनों ने भगवान महावीर स्वामी का स्मरण करते हुए सभी के सुख, शांति और मंगल की कामना की। कार्यक्रम बड़े जैन मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण एवं धार्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।