गौशालाएं होने के बावजूद हाईवे पर घूम रहे मवेशी, बालमपुर घाटी से एयरफोर्स कैंप तक लगातार हो रहे हादसे; ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
बारिश का मौसम शुरू होते ही भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर बेजुबान मवेशियों के लिए खतरा बढ़ गया है। पिछले करीब दो सप्ताह में हाईवे पर सड़क हादसों में 10 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही पशुओं की मौत से पशुपालकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। हादसों ने हाईवे पर निराश्रित मवेशियों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बालमपुर घाटी के नीचे वाहन ने मवेशी को मारी टक्कर
गुरुवार रात की दरमियानी बालमपुर घाटी के नीचे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर मौजूद एक मवेशी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मवेशी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वाहन चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार बालमपुर चौराहा, फैक्ट्री चौराहा, दीवानगंज और एयरफोर्स कैंप क्षेत्र सहित हाईवे के अलग-अलग हिस्सों में पिछले दो सप्ताह में 10 से ज्यादा मवेशी सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं। बारिश के दौरान रात में सड़क पर दृश्यता कम होने और मवेशियों के हाईवे पर बैठने से खतरा और बढ़ जाता है।
चार गौशालाएं, फिर भी हाईवे पर मवेशियों का जमावड़ा
दीवानगंज क्षेत्र के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में चार गौशालाएं हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में मवेशी हाईवे पर घूमते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निराश्रित मवेशियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
क्षेत्र में भारतीपुर गौशाला संचालित हो रही है, जबकि सेमरा गौशाला बनकर तैयार है। वहीं गीदगढ़ गौशाला बिजली और पानी की सुविधा के अभाव में अधूरी पड़ी है और बालमपुर गौशाला का निर्माण अभी जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपलब्ध व्यवस्थाओं का प्रभावी उपयोग नहीं होने के कारण मवेशी सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं।

हादसों से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
हाईवे पर लगातार मवेशियों की मौत से ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बैठे मवेशी केवल स्वयं हादसे का शिकार नहीं हो रहे, बल्कि अचानक सामने आने पर वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। किसी बड़े वाहन के सामने अचानक मवेशी आने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट सकता है, जिससे जनहानि की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने रखी ये मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन से हाईवे पर घूम रहे निराश्रित मवेशियों को तत्काल गौशालाओं में पहुंचाने, अधूरी गौशालाओं का निर्माण जल्द पूरा कराने और गीदगढ़ गौशाला में बिजली-पानी की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही हाईवे पर रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने और सड़क किनारे घूमने वाले मवेशियों को हटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के दौरान बेजुबान पशुओं की मौत का सिलसिला थमने के बजाय और बढ़ सकता है। साथ ही हाईवे पर किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है।