₹40,000 का सामान व नकदी बरामद
मनोज बैरागी सरदारपुर धार
थाना राजगढ़ पुलिस ने कियोस्क संचालक के साथ हुई डकैती की गंभीर वारदात का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके 4 अन्य साथियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने लैपटॉप, फिंगरप्रिंट मशीन और नकदी समेत लगभग ₹40,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 1 अगस्त की शाम लगभग 6:00 बजे की है। राजगढ़-तिरला मार्ग स्थित ग्राम छढ़ावद में अज्ञात बदमाशों ने कियोस्क संचालक रवि (पिता हरिसिंह राठौड़) को निशाना बनाते हुए डकैती की घटना को अंजाम दिया था। फरियादी की शिकायत और तस्दीक के बाद थाना राजगढ़ में अपराध क्रमांक 366/26 के तहत धारा 309(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सफलता
एसपी धार सचिन शर्मा के निर्देशन, एएसपी पारुल बेलापुरकर और एसडीओपी सरदारपुर विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजगढ़ समीर पाटीदार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए और क्राइम टीम की मदद से संदिग्धों की पहचान की। हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती करना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी
अश्विन उर्फ कालू (पिता रतन मेड़ा), उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम काली देवी, थाना टांडा।
सचिन (पिता जानू डावर), उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम काली देवी, थाना टांडा।
अश्विन उर्फ कालू से: एक डेल (Dell) कंपनी का लैपटॉप (कीमत लगभग ₹20,000)।
सचिन से: एक नीले रंग का बैग, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन और ₹15,800 नकद।
फरार आरोपी (तलाश जारी)
मामले में शामिल निम्नलिखित 4 आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है:
लोकेश (पिता करम सिंह डावर), निवासी कालीदेवी
प्रवीण (पिता भगवान सिंह डावर), निवासी कालीदेवी
रईस (पिता धूम सिंह भील), निवासी कालीदेवी
बबलू, निवासी ग्राम देवता (थाना बाग)
इस सफलता में थाना प्रभारी समीर पाटीदार, उप निरीक्षक निहाल सिंह दंडोतिया, एएसआई जितेन सांखला, चौकी प्रभारी तिरला सैयद अहमद, प्रधान आरक्षक रामकरण चौहान, आरक्षक अंकित रघुवंशी, दिलीप डुडवे, राकेश बघेल, राकेश सिंगार, जयेन्द्र जादौन तथा धार क्राइम टीम से प्रधान आरक्षक सर्वेश सिंह, आरक्षक प्रशांत सिंह, भानु एवं मनीष पाल की मुख्य भूमिका रही।