रेलवे स्टेशन पहुंचने का मुख्य मार्ग बना तालाब, 1 से 1.5 फीट जलभराव में अंतिम यात्रा निकालने को मजबूर हुए ग्रामीण
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंबाडी गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क लगातार बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गई है। संजय साहू और महेश शर्मा के घर के सामने करीब 1 फीट तक पानी भर जाने से रेलवे स्टेशन दीवानगंज तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। इस मार्ग से रोजाना लगभग 25 से 30 गांवों के लोग और विद्यार्थी आवागमन करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण पैदल, दोपहिया और ऑटो चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अंबाडी निवासी बुजुर्ग काशीराम साहू का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों को सड़क पर भरे करीब एक फीट गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। जलभराव के कारण लोगों के कपड़े खराब हुए और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यह एक दिन की समस्या नहीं है कई महीनो से यही स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढे पानी में पूरी तरह छिप जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं। ग्रामीण संजय साहू, मोनू साहू और महेश शर्मा ने बताया कि आसपास के घरों और दुकानों का बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। नालियों और पुलियों पर अतिक्रमण होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। पंचायत ने कुछ दिन पहले जेसीबी से नालियों की सफाई कराई थी, लेकिन दोबारा गाद और अतिक्रमण होने से समस्या फिर जस की तस हो गई।
फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज से रेलवे स्टेशन होते हुए सेमरा तक करीब 3 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर सालभर जलभराव बना रहता है। इससे बदबू, मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नालियों पर अतिक्रमण और सड़क की जर्जर हालत के कारण वर्षों से यह समस्या बनी हुई है। एक माह पहले तहसील कार्यालय और एसडीएम को आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मंगलवार की जनसुनवाई में भी शिकायत करने की बात कही है।
अंबाडी सरपंच कुंती रमेश कुमार अहिरवार ने बताया कि कई लोगों ने नालियों पर कब्जा कर लिया है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। यह केवल बारिश के दिनों की नहीं, बल्कि सालभर बनी रहने वाली समस्या है।
जानकारी के अनुसार 2007 से 2016 के बीच प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क का निर्माण हुआ था। सड़क बने दस वर्ष से अधिक समय बीत चुका है और अब कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों द्वारा मकान ऊंचे बनाकर नालियों पर अतिक्रमण करने से जल निकासी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से नालियों से अतिक्रमण हटाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने, सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।