– कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय एक मंच पर, अध्यक्ष और सरकार से नाराजगी
– विकास कार्य ठप और अनदेखी का आरोप, पार्षदों ने खोला मोर्चा
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
मुख्यमंत्री के जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले नगर पालिका के कई पार्षदों ने अपनी ही नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने धरना प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
बड़ी बात यह है कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय तीनों दल के कई पार्षद शामिल हुए। पार्षदों का कहना है कि नगर में विकास कार्य ठप पड़े हैं और पालिका अध्यक्ष द्वारा उन्हें विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। कई बार लिखित और मौखिक शिकायत के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि शासन से आने वाले फंड और योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है। वार्डों में सड़क, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए बार-बार मांग करने के बाद भी अनदेखी की जा रही है। इससे जनता में आक्रोश है और पार्षदों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
धरने के दौरान पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं और विकास कार्यों में पार्षदों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर स्थिति सुधारने की मांग की।
राजनीतिक रूप से भी यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले सत्ता और विपक्ष दोनों के पार्षद एक साथ सड़क पर उतर आए हैं।