देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
सांची में करोड़ों रुपए की लागत से घर घर जलापूर्ति करने बडी धूमधाम से योजना लाई गई थी परन्तु पांच साल गुजरने के बाद भी घर घर पानी तो दूर अनेक ट्यूबवेल जबाब दे चुके है तथा देने का इंतजार कर रहे है जलप्रदाय का गंभीर संकट खडा होता दिखाई देने लगा है प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे है।
जानकारी के अनुसार इस ऐतिहासिक स्थल को जलसंकट से छुटकारा दिलाने तथा घर घर चौबीस घंटे जलापूर्ति हेतु लगभग 125 लाख रुपये की लागत से सरकार द्वारा जलसंवर्धन योजना को अस्तित्व में लाया गया था तथा इस योजना की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमेटेड को सौंपी गयी थी । तथा इस कंपनी द्वारा घर घर जलापूर्ति करने का कार्य 125 लाख रुपये की लागत से वर्ष2020 मे शुरू कर दिया गया था तब लोगों ने सपना देखा कि अब नगर को पेयजल संकट से छुटकारा मिल जायेजा ।तथा इस कार्य का समापन वर्ष 2023 मे पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था परन्तु यह कार्य वर्ष 2026 मे भी अधूरा ही दिखाई दे रहा है तथा लोगों का जलापूर्ति का सपना भी अधूरा ही रह गया ।

इस योजना अंतर्गत बताया जाता है कि पहले हलाली डेम से पानी लाने की योजना थी परन्तु इसमें फेरबदल करते हुए समीपस्थ लगभग बारह किमी दूर स्थित ग्राम मरमटा नदी से पानी लाने की योजना को अस्तित्व में लाया गया तथा इसके लिए हेडगेवार कालोनी मे वाटर फिल्टर प्लांट तैयार किया गया ।तथा घर घर जलप्रदाय के नाम पर पाइप लाइन बिछाने नगर परिषद प्रशासन द्वारा निर्मित करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित सीमेंट सडकों की खुदाई करवा कर लोगों को सडकों की सुविधा तहसनहस कर डाली गई ।इसके साथ ही नगर में विभिन्न स्थानों पर दो पानी की टंकी भी निर्मित करवा दी गई ।इस व्यवस्था पर सरकार के करोड़ों रुपए का चूना कंपनी द्वारा लगा दिया गया परन्तु घर घर पानी तो दूर रहा पानी आने की पांच साल बाद भी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है ।इस बीच इस योजना को जल्दी से जल्दी पूरा करने हेतु कंपनी के जिम्मेदारो को अनेक बार परिषद बैठक में चेतावनी देने हेतु आमंत्रित किया गया परन्तु जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए परिषद की बात सुनने से भी बचती रहे इस कार्य को समयावधि मे पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति करने हेतु सीएमओ द्वारा भी पहले पत्र जारी किए गए परन्तु कंपनी द्वारा अपनी मनमानी करते हुए स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को भी गंभीरता से नहीं लिया गया ।जिसका खामियाजा नगर वासियों को एक निश्चित समयावधि मे तथा दूषित जल प्रदाय के रूप में भुगतना पड़ रहा है

हालांकि बताया जाता हैं कि नगर परिषद के 19 ट्यूबवेल हैं जिनमें पांच ट्यूबवेल साथ छोड़ चुके है तथा शेष 14 ट्यूबवेल का जलस्तर भी लगातार घट रहा है जिससे लोगों को मटमैला पानी मिलना शुरू हो चुका है परन्तु योजना क्रियान्वयन कंपनी को इससे कोई सरोकार दिखाई नहीं दे रहा है अब नगर में चर्चा इस कंपनी को लेकर तरह तरह की चर्चा चलना शुरू हो चुका है ।तथा इस कंपनी पर न तो प्रशासन की पकड न ही शासन की नजर पहुंच पा रही हैं जिससे इस योजना का क्रियान्वयन पूरा हो सके तथा नगर वासियों को इस भयावह गर्मी के मौसम में शुद्ध जल मिल सके ।चर्चा तो यहां तक चल रही हैं कि कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये का योजना के नाम पर चूना लगाने की भी तेज हो चुकी हैं जिससे कंपनी पर सवाल खडे हो रहे है ।परन्तु कंपनी इस भीषण गर्मी में भी नींद से नहीं जाग पा रही है।
इस मामले में इनका कहना है
हमने पत्र भी जारी किए हैं तथा हमने स्वयं कंपनी के कार्य स्थल का निरीक्षण किया है तथा शीध्र जलापूर्ति के निर्देश दिए हैं कंपनी द्वारा 20 अप्रैल तक जलापूर्ति करने का आश्वासन दिया है।
रामलाल कुश्वाह सीएमओ नगर परिषद सांची
हमारे द्वारा सभी लाइन एक दो छोडकर टेस्टिंग पूरी हो चुकी हैं तथा हम 20 अप्रैल तक नगर को जलापूर्ति करना शुरू कर देंगे ।आकाश इंजीनियर अर्बन डेवलपमेंट कंपनी सांची