खाद्य एवं औषधि विभाग का कारनामा, नगर में फूटा गैर-जिम्मेदाराना रुख का भंडा
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले के गैरतगंज नगर में धड़ल्ले से बेची जा रही दूषित खाद्य सामग्री पर जिम्मेदार खाद्य एवं औषधि विभाग के गैर-जिम्मेदाराना रुख की पोल खुल गई है। मंगलवार को नगर की विभिन्न खाद्य सामग्री की दुकानों पर विभाग का अमला निरीक्षण या कार्रवाई के बजाय वसूली करता देखा गया। विभाग के अधिकारियों का यह कारनामा दिनभर नगर में चर्चा का विषय बना रहा।
नगर की विभिन्न होटलों और ढाबों पर लंबे समय से दूषित खाद्य सामग्री बेची जा रही है, जो आमजनों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। विशेषकर, मुख्य भोपाल-सागर रोड पर स्थित होटलों में दूषित खाद्यान्न तेल का उपयोग करके नाश्ते तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मिलावट युक्त मावे का उपयोग करके तरह-तरह की मिठाइयां बनाई जा रही हैं।
होटलों में जहाँ सामग्री बनाई जाती है, वहाँ की स्थिति अत्यंत खराब है। चारों ओर गंदगी का साम्राज्य पसरा हुआ है, और बर्तनों की साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। किसी भी दुकानदार द्वारा खाद्य एवं औषधि विभाग की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया जा रहा है। यहाँ तक कि कई दुकानदार बिना फूड लाइसेंस के हाथ ठेलों पर दूषित सामग्री का उपयोग कर खाद्य सामग्री बेच रहे हैं।
दिवाली पर भी अनदेखी
हाल ही में, दिवाली के मौके पर बड़े स्तर पर दूषित सामग्रियों से बनी मिठाइयों को खुलेआम बेचा गया। इन सबके बावजूद, जिम्मेदार खाद्य एवं औषधि विभाग के एक भी अधिकारी या कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर जांच या कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।
कार्रवाई नहीं, वसूली
दूषित सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय, अधिकारी मंगलवार को नगर की कई होटलों पर पहुंचकर वसूली करते देखे गए। इस घटना से यह साफ प्रतीत होता है कि खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और संरक्षण में ही यह दूषित सामग्री बेचे जाने का धंधा फल-फूल रहा है। विभाग के इस रवैये से आम जनता में भारी रोष है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।