सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले के गैरतगंज नगर में चल रहे फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही और लेटलतीफी के चलते नगरवासी भारी परेशानी झेल रहे हैं। ठेकेदार ने मुख्य बाजार की सड़क को खोदकर पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है, और लंबे समय से वह काम अधूरा छोड़कर गायब है।
नगर में सुगम आवागमन के लिए बनाई जा रही यह फोरलेन सड़क पिछले 1 वर्ष से अधिक समय से नगरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वर्तमान में ठेकेदार ने मुख्य बस स्टैंड और बाजार क्षेत्र में काम शुरू किया था, लेकिन सड़क को बुरी तरह खोदकर और तहस-नहस कर वह बीते कई दिनों से अचानक गायब हो गया है। पहले से ही कछुआ चाल से चल रहे इस कार्य को ठेकेदार ने अब अधूरी अवस्था में छोड़ दिया है, और आवागमन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है।
एमपीआरडीसी की उदासीनता
नगरवासियों की परेशानियों से जिम्मेदार एमपीआरडीसी के मॉनिटरिंग अमले को कोई सरोकार नहीं है। अधिकारी न तो सड़क निर्माण की निगरानी के लिए मौके पर आते हैं और न ही निर्माण एजेंसी को समय पर काम पूरा करने के लिए निर्देशित करते हैं। विभाग की इस उदासीनता और निर्माण एजेंसी की मनमानी कार्यप्रणाली ने नगरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है।
आवागमन और व्यापार प्रभावित
सड़क की खराब हालत के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। इसके अलावा, दुकानों के सामने तहस-नहस गड्ढों नुमा हालात में पड़ी सड़क व्यापार को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है। सड़क के खराब रहने के कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

नगरवासियों में रोष
नगरवासी नीलेश, मनोज राय, महेंद्र गुर्जर, वीरू यादव, गोपाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि वे सड़क निर्माण की धीमी गति से बहुत परेशान हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मॉनिटरिंग के नाम पर केवल ठेकेदार के साथ “चाय नाश्ता” तक ही सीमित हैं। ठेकेदार की मनमानी और एमपीआरडीसी के अधिकारियों की अनदेखी नगरवासियों को कब तक झेलनी पड़ेगी, यह कहना मुश्किल है।
आंदोलन की चेतावनी
परेशान नगरवासियों ने सामूहिक रूप से इस गंभीर समस्या को लेकर आंदोलन करने का मन बना लिया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देने और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम सरोज अग्निवंशी ने पूर्व में विभाग को जल्द निर्माण कराने निर्देश जारी किए थे पर ठेकेदार ने अपनी कार्यप्रणाली नही सुधारी। एमपीआरडीसी के एजीएम रामशंकर कीर का कहना है कि कार्य शुरू हो जाना चाहिए था वे ठेकेदार को इस बाबत निर्देशित करेंगे।