बरेली तहसील के किसान यूरिया की किल्लत से परेशान
यशवन्त सराठे बरेली रायसेन
बरेली तहसील के किसानों को हमेशा यूरिया खाद के लिये परेशानी के दौर से गुजरना पड़ता है। देखा जाये तो तहसील क्षेत्र में लगभग 50हजार हेक्टेयर में किसानों ने धान की फसल वोई हुई है भरपूर बारिश के चलते धान की फसल के लिये यूरिया खाद्य की अति आवश्यकता होती है पर सरकार ओर कर्मचारियों की नीतियों नियमों के वीच पिस्ते किसानों को किस तरह खून के आंसू पीना पड़ता है उनके दुःख दर्द को कोई नहीं समझ सकता।

खाध कि हफ्तों से चल रही किल्लत से परेशान किसानों का ग़ुस्सा आखिर फूट ही पड़ा वगलवाड़ा, दिमाड़ा,सेमरी,गगनबाडा, आदि ग्रामों के सैकड़ों किसानों का हुजूम समय पर खाध नहीं मिलने पर तहसील की तरफ चल पड़ा और अपनी परेशानियों को अधिकारी के सामने रखा ।

नायब तहसीलदार के चैम्बर में खाघ वितरण प्रभारी कमलेश धाकड़ अधिकारी भी मौजूद थे उन्होंने बताया कि खाध की कम मात्रा उपलब्ध होने के कारण वितरण रूका है जेसे ही खाध आयेगा सभी किसानों को दिया जायेगा।किसानों ने अपना आक्रोश दिखाते हुए अपनी भड़ास निकालीओर कहा कि हम लोग 10दिन से यूरिया और डीएपी खाद के लिये भूख-प्यास में लम्बी लम्बी लाइन में सुबह 9वजे से शाम 5वजे तक खड़े हैं पर हमें यूरिया नहीं मिल रहा है तब नायब तहसीलदार जयपाल उईके ने स्थिति को देखते हुए किसानों को टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई तब जाकर किसानों ने शान्ति रखी कहां कि टोकन वितरण के वाद किसानों को खाद वितरित किया जाएगा लेकिन खाध किस मात्रा में दिया जायेगा यह नहीं बताया।खाध वितरण केन्द्र पर आशा ओर विश्वास के साथ किसानों की लम्बी लम्बी कतारें रोज लग रही है।

नायव तहसीलदार स्वयं खाध वितरण केन्द्र पर पहुंचे और टोकन वितरण किया गया किसानों की भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस व्यवस्था भी वुलानी पड़ी। किसानों को आश्वस्त किया गया है कि खाध की पर्याप्त व्यवस्था होने पर वितरण किया जाएगा। हर्षित धाकड़ वनियाखेड़ी का किसान कह रहा है कि 15 दिन से डीएपी के लिए परेशान हैं रोज लाईन में लगते है पर निराशा ही हाथ लगी हैं।यदि खाध समय पर नहीं मिला तो फसल चौपट हो जायेगी।वहीं सीरावाड़ा मुरलीधर के किसान भबूत सिंह का कहना हैकिहम घर से सुबह 5वजे निकलते हैं कि खाध मिल जायेगा 10,12दिन हो गये खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।