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सिंध नदी का उफान तो कम हुआ लेकिन ग्रामीणों को भारी नुकसान,

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– घर गृहस्थी का सामान पानी में बहा, कई घर व मकान धराशायी

– बाढ़ की विभीषिका सामने आई

-कई परिवारों का तो अनाज सहित घर गृहस्थी का सामान पानी में बहा

रंजीत गुप्ता शिवपुरी

शिवपुरी जिले में सिंध नदी में आए पानी के तेज बहाव के बीच लोगों को भारी नुकसान हुआ है। दो दिन की मूसलाधार बारिश के बाद सिंध नदी में आए सैलाब के बीच कोलारस, बदरवास, रन्नौद आदि क्षेत्रों के ग्रामों में भारी नुकसान हुआ है। इसी बीच गुरुवार को बारिश का दौर कम होने के बाद सिंध नदी में पानी का उतार कम हुआ है लेकिन पानी उतरने के बाद लोगों को इस बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार को पानी का बहाव कम हुआ तो बाढ़ से लोगों को जो नुकसान हुआ है वह सामने आने लगा है। कई ग्रामीणों के मकान ढह गए तो कई लोगों के घर गृहस्थी का सामान बाढ़ में बह गया। इसके अलावा खेत तालाब तब्दील हो गए। कई परिवारों का तो अनाज सहित घर गृहस्थी का सामान पानी में बह गया है। जिन परिवारों के छोटे मकान और झोपड़ी थी उनका तो पानी के तेज बहाव में पता तक नहीं चला।

सेना की मदद से 500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्य –

शिवपुरी जिले में मूसलाधार बारिश के बाद सिंध नदी सहित अन्य नदी नालों में उफान के बाद कोलारस, बदरवास, रन्नौद, दीघोद, खतौरा आदि क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नुकसान हुआ है। कई जगह पर बाढ़ और जल भराव के बीच ग्रामीण और किसान वर्ग इसी पानी के बीच फंस गए। जिसमें जिला प्रशासन द्वारा सेना बुलाई जाने के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमों के द्वारा 500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इन सभी लोगो को रेस्क्यू कर जलभराव वाले स्थानों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

40 से ज्यादा स्कूली बच्चों की बचाई जान

सेना द्वारा चलाए गए रेस्क्यू अभियान में 40 से ज्यादा स्कूली बच्चों की जान बचाई गई जो अपने स्कूल में पानी के तेज बहाव के बीच फंस गए थे। रन्नौद के लालपुर में तो हार्ट अटैक से 35 वर्ष के दुर्गेश दांगी की मौत हो गई थी जिनका शव रेस्क्यू कर पानीवाले स्थान से बाहर लाया गया। इसके अलावा आनंदपुर गांव में 32 ग्रामीणों को सेना की मदद से रेस्क्यू किया गया। दीगोद में प्राइवेट स्कूल में फंसे बच्चे 27 बच्चों को बाहर निकल गया। इस तरह से इस अभियान में सेना के साथ मिलकर कई ग्रामीणों की जान बचाई गई है।

किसान व ग्रामीण बोले जल्द दिया जाए मुआवजा-

सिंध नदी में आई बाढ़ में फंसे लोगों को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय किसानों व ग्रामीणों का कहना है कि 50 साल के बाद ऐसी बाढ़ देखी गई है कि लोगों के गांव, घर, खेत आदि पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि खरीफ की फसल तो पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इसके अलावा उनके घर गृहस्थी का जो सामान था वह बाढ़ की चपेट में आ चुका है और इस पानी ने उनको बर्बाद कर दिया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा राशि दी जाए।

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