रायसेन। डायल 100 में कार्यरत बीवीजी कंपनी के ड्राइवर (पायलेट) उस समय आक्रोशित हो उठे जब नई जीवीके कंपनी द्वारा उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा से बाहर कर दिया गया। जिससे उनके परिवार के लालन-पालन पर संकट खड़ा हो गया।

पायलटों ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा तथा चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। ज्ञापन में बताया गया कि बीते 10 वर्षों से डायल 100 सेवा में लगे पायलेटों ने कोरोना काल जैसे कठिन समय में भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य किया। चाहे वेतन समय पर न मिला हो या संसाधनों की कमी रही हो, पायलेटों ने कभी काम बंद नहीं किया।

लेकिन अब डायल 100 का नाम बदलकर डायल 112 कर दिया गया है और सेवा संचालन की जिम्मेदारी नई कंपनी GVK को सौंप दी गई है। इसके चलते पुराने पायलेटों को हटाकर नए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। पूरे मध्य प्रदेश में 3300 डायल 100 पायलटो के रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया तो रायसेन में भी 66 पायलट बेरोजगार हो गए हैं।
जबकि मध्य प्रदेश के 100 डायल पायलटो को कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए थे।