उवेश खान सिलवानी रायसेन
सिलवानी के पुष्पा विद्यालय में परीक्षा केंद्र अध्यक्ष की मनमानी से छात्रों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। शुक्रवार दोपहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), छात्रों और अभिभावकों ने केंद्र अध्यक्ष राजेश खरे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर नाराज विद्यार्थी और अभिभावक सड़कों पर उतर आए और करीब आधे घंटे तक चक्काजाम किया।

स्थिति बिगड़ती देख मौके पर SDM, SDOP और तहसीलदार पहुंचे और छात्रों को समझाइश देकर जाम हटवाया। छात्र यशपाल आदिवासी, जो करीबन 60 किलोमीटर दूर महका लावनयाऊ से परीक्षा देने आया था, सिर्फ दो मिनट की देरी से पहुंचा। लेकिन केंद्र अध्यक्ष राजेश खरे ने उसे परीक्षा में बैठने ही नहीं दिया।

वहीं कल गुरुवार को भी कुछ छात्रों को 5 मिनिट लेट होने पर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया था! इसी को लेकर ABVP और छात्रों द्वारा SDM को ग्यापन सौंपा था, जिसमें बताया गया था! 25 फरवरी को हुई, हिंदी विषय की परीक्षा में कुछ छात्रों को लेट होने पर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया, साथ ही उत्तर पुस्तिका और प्रश्न पत्र भी देरी से वितरित किए गए, जिससे लगभग 35 मिनट का नुकसान हुआ। जब परीक्षार्थियों ने अतिरिक्त समय की मांग की, तो केंद्र अध्यक्ष ने उल्टा धमकी देते हुए कहा – “फालतू बातें मत करो, नहीं तो तुम्हारा फार्म भर दूंगा।”

एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद परीक्षा के महत्व को समझते हुए अपने कार्यक्रमों का समय बदलते हैं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। वहीं दूसरी ओर राजेश खरे जैसे अधिकारी अपनी मनमानी से छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।छात्रों ने प्रशासन से केंद्र अध्यक्ष को तत्काल हटाने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस लापरवाही पर कोई सख्त कदम उठाएगा या फिर छात्रों का भविष्य यूं ही दांव पर लगा रहेगा? आपका क्या कहना है? क्या ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए! अपनी राय कमेंट में बताएं और केसरी न्यूज़ को सब्सक्राइब करें ताकि आपको हर जरूरी खबर मिलती रहे!