दंत जांच शिविर और तंबाकू के दुष्प्रभावों पर जागरूकता: राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की सराहनीय पहल
रायसेन। आज के बदलते समय में बच्चों और युवाओं की सेहत पर बढ़ते खतरों को देखते हुए, भारत सरकार के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) द्वारा शासकीय कन्या उ मा वि रायसेन मे आयोजित दंत जांच शिविर और तंबाकू के दुष्प्रभावों पर जागरूकता अभियान में डॉ हर्ष विभोर भारती, नोडल ऑफिसर एनटीसीपी जिला रायसेन, डॉ मैत्री, डॉ कपिल मालवीय द्वारा अत्यंत सराहनीय कदम है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों को तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक करना है। आंकड़ों के अनुसार, तंबाकू का सेवन न केवल मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी गंभीर असर डालता है। कई बच्चे, सही जानकारी के अभाव में, तंबाकू के दुष्प्रभावों को नजरअंदाज कर देते हैं।
दंत जांच शिविर: स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का कदम इस शिविर के दौरान बच्चों के दांतों की जांच की गई और उन्हें दंत स्वास्थ्य का महत्व समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि तंबाकू के सेवन से दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारियां और मुंह के कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही, दांतों की देखभाल और नियमित जांच पर भी जोर दिया गया।
तंबाकू के दुष्प्रभावों पर जागरूकता:
शिविर में विशेषज्ञों ने बच्चों और अभिभावकों को तंबाकू के उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य खतरों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे तंबाकू उद्योग बच्चों को लक्षित कर रहा है और उन्हें इस आदत से बचाने के लिए परिवार और समाज की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
सरकार की पहल:
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का यह अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक प्रभावी कदम है, बल्कि यह समाज में तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में भी योगदान देता है। सरकार द्वारा इस तरह के कार्यक्रमों को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित करना चाहिए।
हमारी जिम्मेदारी:
समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इस पहल में सहयोग करें। बच्चों को तंबाकू और अन्य हानिकारक पदार्थों से बचाने के लिए परिवार, स्कूल और समुदाय को मिलकर काम करना होगा।इस तरह के अभियानों से न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि यह स्वस्थ और मजबूत भारत के निर्माण में भी मददगार साबित होगा। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की यह पहल एक प्रेरणा है, जिसे और भी व्यापक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता है।