सभी वेयरहाउस में गड़बड़झाला, कुछ वेयरहाउस पूर्व सी एम के रिश्तेदारों की तो कुछ सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के
क्या होगी कठोर कार्रवाई यक्ष प्रश्न
विनोद साहू बाड़ी रायसेन
किसानी के लिए क्षेत्र के किसानों के लिए यह क्षेत्र अमृत समान हैं , क्षेत्र के किसान बारना बांध होने के कारण तीन फसलों को लगाते हैं और बहुत ही कम समय में उन फसलों का बिक्रय करना होता हैं जिससे किसान खाद बीज व कीटनाशक दवाओं के लिए कर्ज को चुकाना पड़ता नहीं चुकाने पर किसान अतिरिक्त ब्याज भरता हैं ।
सहकारी समिति के लेट लतीफी से बिलोचियों की बल्ले-बल्ले।
किसानों की फसल आने पर किसान सहकारी समिति में अपना रजिस्ट्रेशन तो करा देते हैं लेकिन खरीदी चालू न होने और तत्काल ही दूसरी फसल की तैयारी करने में किसान मन मारकर अपनी फसल कम दामों पर बिलोचियों को बेंच देते हैं और बिलोचिया( छद्म व्यापारी ) वेयरहाउस संचालक व प्रबंधक से मिलकर यहीं फसल सरकार को तुलवा देते हैं । अब तो यह गोरखधंधा मंत्री जी के संज्ञान में आ गया , अब देखना होगा कि भ्रष्टाचार में गले गले तक डूबे भ्रष्टतंत्र क्या कार्यवाई करता हैं।
शासन के आदेश निर्देश उड़ाकर की मनमानी खरीद।
मंगलवार को दोपहर मध्यप्रदेश में गृह राज्य मंत्री व एवं चिकित्सा विभाग संभाल रहे क्षेत्र के युवा मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को वेयरहाउस में तुलाई की शिकायतें मिल रही थी , लिहाजा अपने विभागीय व्यस्त कार्यक्रम को छोड़कर वेयरहाउसों के निरिक्षण पर निकले जिसमें बाड़ी तहसील के अंतर्गत आने बाले ग्राम सिलगेना एवं चंद्रपुरा में किसानों की उपस्थिति में वेयरहाउस का रिकॉर्ड चेक किया जिसमें भारी अनियमित्ता पाई गई। जिसमें बामुश्किल किसानों से मूंग खरीदी की गई उसमें भी हर पचास किलो के कट्टे में ढेड़ से दो किलो मूंग ज्यादा तोली गई। इसी तरह श्री कृष्णा वेयरहाउस पर रिकॉर्ड के अतिरिक्त छह हजार क्विंटल मूंग अधिक पाई गई इस घपले घोटाले में मंत्री जी ने तत्काल ही मौके पर जिम्मेदार के विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए।
गौरतलब हैं कि क्षेत्र के युवा पहली बार विधायक बने और पहली ही बार में मंत्री बनने से उनके विरोधियों के सीने पर सांप लोट गये लिहाजा मंत्रीजी को बदनाम करने के जितने भी षड्यंत्र रचे गए मंत्री जी में उतना ही निखार आता गया , उनकी पहली प्राथमिकता नर्मदा नदी से अवैध रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लग सा गया हैं , बगैर रायल्टी के चलने वाले ट्रैक्टर ट्राली आज सड़कों से गायब हो चुके । आज के निरिक्षण में अगर ईमानदारी से अधिकारी कार्रवाई करते हैं तो किसानों के राहत मिलेगी।