मप्र के नीमच में आंसू गैस के गोले से ग्रामीणों की आंखों से निकले आंसू, डाक्टर बिना तैयारी पहुंचे इलाज करने
नीमच। समीपस्थ गांव धनेरियाकलां में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक सभी ग्रामीणों के आंखों में तेज जलन होने लगी। ग्रामीणों की आंखों से आंसू बहने लगे। अचानक इसी तरह सभी ग्रामीणों के आंख से आंसू निकलने व सांस लेने में परेशान तकलीफ होने लगी। इसकी सूचना शहर तक पहुंची। जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई। पड़ताल करने पर पता चला कि गांव के पास ही सीआरपीएफ कैंप्स में ट्रेनिंग के दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए। आंसू गैस निकलकर गांव में पहुंच गई। जिससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
बुधवार देर शाम धनेरिकलां में अचानक प्रशासनिक टीम स्वास्थ्य अमले के साथ पहुंची। यहां पूरे गांव के लोगों की आंखों में जलन हो रही थी। साथ ही आंखों से आंसू बह रहे थे। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ प्रशासनिक टीम को देख वहां खलबली मच गई।
गांव में अचानक अफरा-तफरी मची तो मौके पर तहसीलदार व नायब तहसीलदार के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। इनमें नर्सों सहित डाक्टर शामिल रहे। यह सभी बिना तैयारी के ही वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर सिर्फ आंखों में टार्च डाल रहे थे। उनके पास न तो दवा थी न ही किसी प्रकार की टेबलेट। डॉक्टर सिर्फ औपचारिकता निभा रहे थे।
अगले तीन दिन तक इसी तरह की परेशानी से ग्रामीणों जूझना पड़ेगा, क्यों सीआरपीएफ में जवानों का प्रशिक्षण अगले तीन तक चलेगा। इस दौरान आंसू गैस के गोलों से अभ्यास होगा।