देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
इन दिनों नगर सहित आसपास क्षेत्र में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया जिससे लोगों को गर्म कपड़ों में लिपटने पर मजबूर होना पड़ रहा है तथा लोग अपने ही बलबूते पर अलाव जलाकर तापते देखा जा रहा है।
तेज कड़कती ठंड से जहां किसानों को राहत मिली है तो दूसरी ओर नगर सहित क्षेत्र भर में इन दिनों कड़कड़ाती ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है अधिकांश लोग अपने घरों में गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दे रहे हैं तो दूसरी ओर जो लोग बाहर निकल रहे हैं उन्हें भी गर्म कपड़ों में लिपटे देखा जा सकता है हालांकि हर साल की भांति इस वर्ष अलाव की कमी महसूस हो रही है हालांकि कुछ जगहों पर लोग अपने बलबूते पर अलाव जलाकर तापते नजर आ रहे हैं तथा आग देखते ही लोग इकट्ठे हो जाते हैं तथा ठंड को दूर करने सिकते दिखाई दे रहे हैं इन ठंड के मौसम में लोग चाय की चुस्की लेने से अधिक रुचि दिखा रहे हैं दिनभर आसमान को बादलों ने ढक लिया है इस जोरदार ठंड से लोगों को सूर्य नारायण के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं इससे रात में रोशन करने वाली सौर ऊर्जा ने भी साथ छोड़ दिया है जिससे रात में नगर में जगह जगह लगाये गये सौर ऊर्जा के केवल खंबे दिखाई दे रहे हैं जबकि इनसे नगर को रोशन करने वाली बिजली गुल हो गई है जिससे नगर में अंधेरा छा रहा है इस ठंड का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ता दिखाई दे रहा है जो खुले आसमान के नीचे अपनी गरीबी की जिंदगी लावारिस हालत में फुटपाथों पर बिता रहे हैं । नगर में निर्मित होने वाला रैन-बसेरा निर्माण अधूरा रहने से लावारिस हालत में जीवन यापन करने वाले तथा इस स्थल पर रात गुजारने वालों को खासी परेशानी से जूझना पड़ रहा है । ठंड का तब और असर गहरा जाता है जब आसमान से पानी की बौछार पड़ने लगती है तब लोग और परेशान हो जाते हैं।