जूनियर डॉक्टरों के विरोध के आगे झुका प्रशासन, 24 घंटे के अंदर डॉ. अरुणा कुमार का आदेश निरस्त, काम पर लौटे सभी डॉक्टर्स..
भोपाल। राजधानी भोपाल के GMC के गायनेकोलोजी विभाग में एमडी कर रही जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती सुसाइड मामले में आरोपों में घिरीं डॉक्टर अरुणा कुमार की गांधी मेडिकल कालेज में विभागाध्यक्ष के तौर पर वापसी के बाद विरोध के स्वर मुखर हो गए थे। इसके विरोध में आज सुबह से ही जीएमसी के गायनी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया था। आखिरकार जूनियर डाक्टरों के विरोध के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और डॉ. अरुणा को गायनी विभाग का प्रमुख बनाए जाने का आदेश 24 घंटे के भीतर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जूनियन डॉक्टर भी काम पर लौट आए है।
मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में जारी ट्रांसफर ऑर्डर में डॉ अरुणा कुमार को गायनी विभाग के हेड तौर पर पदस्थ किया है। डॉ अरुणा कुमार की आमद होते ही गांधी मेडिकल कॉलेज गायनी विभाग में हड़कंप मच गया और जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया था।
आरोप है कि पिछले साल अगस्त में आंध्र प्रदेश की रहने वाली जूनियर डाक्टर डॉ बाला सरस्वती ने डॉ अरुणा कुमार पर आरोप लगाते हुए सुसाइड कर लिया था। डॉ बाला गांधी मेडिकल कालेज भोपाल में पीजी के गायनिक विभाग के अंतिम वर्ष की छात्रा थी। बाला के सुसाइड के बाद जूनियर डाक्टर्स ने हड़ताल कर दी थी। जिसके बाद डॉ अरुणा कुमार को गांधी मेडिकल कॉलेज से हटाकर स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ किया गया था। डॉ बाला सरस्वती ने डॉ अरुणा कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे उनकी मौत के बाद उनके परिजनों ने तमाम सबूत भी पुलिस को सौंपे थे। इस मामलें में गायनिक विभाग के अन्य चार और प्रोफेसर के नाम भी सामने आए थे।