रायपुर। धान बोनस राशि पर बैंकों से कमीशन की शिकायत के बाद सरकार ने सख्ती दिखाई है। किसानों की राशि आहरण में हीला-हवाला करने वाले बैंकरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ में एफआइआर भी कराई जाएगी।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को साफ कहा कि किसानों को अपने सहकारी बैंक खातों से राशि के लेन-देन में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पैसा निकालते समय बैंकर्स द्वारा टाल-मटोल किए जाने की शिकायत मिली तो संबंधित बैंकर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सहकारी बैंक करगीरोड में बोनस की राशि आहरण करते वक्त प्रभारी शाखा प्रबंधक द्वारा किसानों से कमीशन मांगे जाने की शिकायत पर निलंबन की कार्रवाई को पर्याप्त न मानते हुए उसके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सहकारी बैंक करगीरोड के प्रभारी शाखा प्रबंधक हरीश कुमार वर्मा को किसानों से कमीशन राशि मांगे जाने की शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय मंत्री ने बुधवार को सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की गहन समीक्षा की।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के लगभग 13 लाख किसानों से किए गए वादे के अनुसार दो साल के धान की बकाया बोनस राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि ऐसे किसान जिनका बैंक खाता त्रुटिपूर्ण अथवा अन्य कारणों से बोनस राशि का भुगतान नहीं हो सका है। उसका तत्काल निराकरण किया जाना चाहिए। ऐसे किसानों के नामों की सूची संबंधित सोसायटी के सूचना पटल पर चस्पा करें। छूटे किसानों को भी सहकारी समिति से जोड़ा जाए।
यह दिशा-निर्देश भी
– सोसायटियों के माध्यम से किसानों को रबी सीजन के लिए आवश्यक आदान-सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो। – किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न आए और उन्हें सहजता से टोकन, बारदाना उपलब्ध हो।