गुना। केंद्र सरकार द्वारा वाहन दुर्घटना अधिनियम में किए गए संशोधन का वाहन चालकों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। गुना में ट्रक और बस ड्राइवरों ने नए साल का पहला दिवस काला दिवस के रूप में मनाया और वाहन दुर्घटना अधिनियम में संशोधन के खिलाफ सड़कों पर उतर गए। रुठियाई कस्बे से गुजरे नेशनल हाइवे पर ट्रक चालकों ने जाम लगा दिया, जिसे खुलवाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। वहीं गुना के जज्जी बस स्टैण्ड पर भी बसों के पहिए थम गए हैं। रोजाना 2 सैकड़ा से ज्यादा बसों का आवागमन इस स्टैण्ड से होता है, लेकिन सोमवार को कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे बस ड्राइवरों ने वाहन चलाने से मना कर दिया।
इतना ही नहीं ट्रक व बस चालकों ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस भी फाड़कर फेंक दिए। वाहन चालकों के मुताबिक दुर्घटना होने पर 10 साल तक की कैद और 7 लाख रुपए तक का जुर्माना न्यायोचित नहीं है। 5 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी करने वाले वाहन चालक इतनी भारी-भरकम रकम नहीं चुका सकते। ड्राइवरों का तर्क है कि वे कोई भी दुर्घटना जानबूझकर नहीं करते हैं। नया कानून दुर्घटना की स्थिति में वाहन चालक को पूरी तरह दोषी मानता है, जिसका वह विरोध कर रहे हैं। जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक गुना जिले में ट्रक और बसें नहीं चलेंगी।