आलेख
अरुण पटेल
नवरात्रि के पहले दिन कांग्रेस ने 9 अंक का ध्यान रखते हुए शुभ मुहूर्त एवं चौघड़िया देखकर अपने जिन 144 प्रत्याशियों की सूची जारी की है उसमें से कितने लोग चुनावी वैतरणी पार कर कांग्रेस के विजयरथ को तेजी से दौड़ाते हुए प्रदेश की सत्ता पर कांग्रेस को आसीन करा पायेंगे यह तो तीन दिसम्बर को दोपहर होते-होते तक लगभग तस्वीर साफ होने लगेगी। लेकिन फिलहाल शुभ मुहूर्त और शुभ समय का ध्यान रखते हुए नवरात्रि के पहले दिन सुबह 9 बजकर 9 मिनट पर सूची को जारी कर दिया। चूंकि नवरात्रि के पहले दिन 9 का अंक कांग्रेस ने शुभ माना इसलिए उसने 144 प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है उसका योग भी 9 ही बनता है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हनुमानजी की एंट्री हुई थी लेकिन वहां इसका फायदा भाजपा की जगह कांग्रेस को मिल गया और अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सूची में भी हनुमान की एंट्री हो गयी है। इस प्रकार हनुमानजी का मुद्दा वाया कर्नाटक मध्यप्रदेश आ पहुंचा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ बड़े हनुमान भक्त माने जाते हैं और रामायण-2 सीरियल में हनुमान की भूमिका अदा करने वाले विक्रम मस्ताल को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुकाबले बुधनी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने आनंद सागर के 2008 में बने टीवी शो में हनुमान का किरदार निभाया था।

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तो शिवराज को चेहरा नहीं बनाया लेकिन चूंकि वे मुख्यमंत्री हैं इसलिए चुनाव प्रचार में वही अपना सबसे अधिक पसीना बहा रहे हैं। शिवराज एवं कमलनाथ के बीच शाब्दिक जंग लम्बे समय से चल रही है और वह अब और भी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शिवराज ने पिछले दिनों कहा कि लाड़ली बहना को पैसे दे रहा हूं तो आपको तकलीफ क्यों ? यह सच है कि आचार संहिता में कोई नई योजना चालू नहीं की जा सकती, लेकिन लाड़ली बहना तो ऑन गोइंग स्कीम है। आप यह ट्वीट कर रहे हो कि मैं चुपके से पैसे डालूंगा। शिवराज ने कहा कि उन्हें पहले ही आशंका थी कि लाड़ली बहना के पैसे को बंद करने को लेकर कांग्रेस बात करेगी। कांग्रेस और कमलनाथ गरीब विरोधी, बहन विरोधी और आदिवासी विरोधी हैं। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही बैगा, सहरिया और भारिया बहनों के पैसे बंद कर दिये। कांग्रेस और कमलनाथ ने संबल योजना भी बंद कर दी थी। जहां तक लाड़ली बहना का सवाल है इस योजना को बन्द नहीं किया जा सकता।

वहीं दूसरी ओर कमलनाथ ने शिवराज पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि ओवर एक्टिंग जनता पसंद नहीं करती। खेल रहे हो चोरी-चोरी, चुपके-चुपके का खेल। कमलनाथ ने यह भी कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र का महायज्ञ शुरु हो चुका है और सबको जनता की कसौटी पर खरा उतरना है। लेकिन जनता के बीच जाने की बजाय आप चोरी-चोरी, चुपके-चुपके का खेल, खेल रहे हो। मैंने आपके अभिनय की हमेशा तारीफ की है। जिन योजनाओं को आपने कभी चालू ही नहीं किया उन्हें बंद करने की क्या बात करना। कमलनाथ ने ट्वीट कर दावा किया कि डेढ़ माह बाद प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी जो महिलाओं, बच्चों, सरकारी कर्मचारियों एवं किसानों के लिए नई योजनाएं लागू करेगी, इन सभी को इसका लाभ मिलेगा। यह सब काम हर्षोंल्लास से हो सके इसलिए आपकी पार्टी ने आपको हाशिए पर डाल दिया है और प्रदेश की जनता भी आपको विपक्ष में बिठाकर कांग्रेस सरकार द्वारा किए जाने वाले कार्यों को देखने का पूरा मौका देने वाली है।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की बजरंगवली की एंट्री वाली जो पहली सूची सामने आई है उसमें 69 वर्तमान विधायकों को टिकट दिया गया है, 17 पूर्व मंत्रियों में गोविंद सिंह, सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, हुकमसिंह कराडा, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह और तरुण भानोट आदि शामिल हैं। सूची की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक दलित नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति को कांग्रेस ने टिकट विहीन कर दिया है। एक बड़े आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया की जगह उनके बेटे विक्रांत भूरिया जो युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, को टिकट दिया गया है।

–लेखक सुबह सवेरे के प्रबंध संपादक हैं
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