विनोद साहू बाड़ी रायसेन
क्षेत्र में विंध्याचल पर्वत जिसे सिंघोरी अभ्यारण व रातापानी अभ्यारण बनाकर सुरक्षित किया , इस जंगल में बेशकीमती ईमारती संपदा से तो भरपूर हैं बहीं इस जंगल में दुलर्भ हिंसक जानवरों का बसेरा था । लेकिन वनविभाग की उदासीनता के चलते अब कभी वियावान जंगल जंगलों में शुमार विध्यांचल पर्वत रेगिस्तान की शक्ल में नजर आने लगा । तलहटी में सेकड़ों एकड़ वन भूमि पर फसलें लहलहा रही और जंगली जानवरों का पलायन हो चुका ..विगत दिनों औबेदुल्लागंज वीट में संरक्षित जानवर मृत अवस्था में मिलने से हड़कंप मचा लेकिन यह हड़कंप क्षणिक था ।
रात्रि गश्त में पकड़ी पिकअप
मुखविर की पक्की सूचना मिलने रेंजर राहुल सिंह ठाकुर ने वनकर्मियों की टीम बनाई और गोपनीय तरीके से चारगांव के पास घात लगाकर रात्रि करीब दो बजे समनापुर जोड़ के आगे रोकी ड्राइवर वनकर्मियों को देखकर गाड़ी क्र MP04CZ 3061 का ड्राइवर मौके से भागने में कामयाब हुआँ लेकिन वनविभाग को बड़ी सफलता मिली । इस पिकअप में 41 नग सागौन की सूखाई गई चरपटे भरी मिली जिसकी वन परिक्षेत्र कार्यालय में लाकर जब्ती बनाई जिसकी कीमत लगभग साठ हजार आँकी गई ,गाड़ी नंबर के आधार पर अपराधी की तलाश की जा रही । गौरतलब है कि क्षेत्र में लकड़ी कारीगिरों को लायसेंस प्रदान किए गए जो खुलेआम सत्तर फीसदी लकड़ी का कारोबार अबैध चोरी की लकड़ी से करते हैं । इसी पर अंकुश लगाने में पूर्व रेंजर तिलक सिंह रायपुरिया कामयाब रहे जिन्हें राजनीतिक लोगों ने षड्यंत्र रचकर तबादला करा दिया ।
इस कार्यवाही में मुख्य रूप से सहयोगी बल राजेश कुमार यादव वनपाल,रामकिशन भाटी वन रक्षक,शेषमणि शुक्ला वन रक्षक,अश्वनी तिवारी वन रक्षक,उमेश सिंह बघेल स्थाई कर्मी,एबं पप्पू यादव ,भावुत सिंह, की भूमिका सराहनीय रही
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