आलेख
डॉ.भावना राय पटेल
अनेमिया यानी शरीर में लाल रक्त कण यानी RBC की कमी ये भारत की मुख्य एवम सबसे कॉमन समस्याओं में से एक है ।DABS 5(एक सर्वे)के आधार पर यह भारत की 5 सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है जिससे भारत की लगभग 57%महिलाएं और 67% बच्चे ग्रसित हैं।इसलिए ही भारत सरकार ने इसे NFHS (एक सर्वे) से स्थानांतरित करके DABS 1 मे कर दिया है।
• एनीमिया क्या है?
एनीमिया एक खून से संबंधित रोग है जिसमे खून में लाल रक्त कण (RBC) की कमी हो जाती है जिससे खून में आयरन तथा हीमोग्लोबिन कम हो जाता है जो की उम्र लिंग , ऊंचाई, गर्भावस्था में भिन्न हो सकती है और खून की ऑक्सीजन वहन करने की क्षमता कम हो जाती है और जिससे विभिन्न लक्षण विकसित होते है।

• लक्षण –
थकान,सांस फूलना,दुर्बलता एवं कमजोरी,चक्कर आना,हार्ट रेट का बढना,चिडचिडापन,हाथ पैरों में झुनझुनी आना, हाथ पैरों में दर्द होना ,लगातार आलस आना ,महिलाओं में अनियमित माहवारी,हाथ पैरों में सूजन आना,शरीर की इम्यूनिटी कम होना, गर्भावस्था में पैरो में सूजन आना
कारण–
वैसे तो एनीमिया के कई कारण है जैसे शरीर में आयरन की कमी होना ,गर्भावस्था,फॉलिक एसिड या फोलेट की कमी होना,विटामिन B12 की कमी होना,विटामिन ए की कमी,अंदरूनी बीमारी जिसमे खून लगातार कम हो जैसे अनियमित माहवारी या पॉलिमिनोरिया,पाइल्स (बावासीर),कोई गहरी चोट,इन्फेक्शन,अनुवांशिक बीमारी,परजीवी जैसे पेट के कीड़े शामिल हैं किंतु इन सब कारणों में खून में हेमोग्लोबिन अथवा आयरन की कमी सबसे कॉमन समस्या है।

• डायग्नोसिस–
✓ब्लड हेमोग्लोबीन की जांच
✓CBC (कंप्लीट ब्लूड काउंट)जिसमे RBC काउंट शामिल हो।
√Bonemarrow परीक्षण जिसमे शरीर की आयरन स्टोरेज क्षमता जांची जाए।
• बचाव–
बैलेंस डायट जिसमे भरपूर मात्रा में आयरन हो जिसमे पालक,गाजर ,मूली ,चकुंदर,लालभाजी ,हरी सब्जियां,आलू जैसी सब्जियां तथा अनार,केले,टमाटर, सेव जैसे फल शामिल हो।

•इलाज–
उपरोक्त लक्षण पाए जाने पर नजदीकी स्वस्थ केंद्र जाए तथा आयरन तथा फॉलिक एसिड की गोलियां प्राप्त करें ।गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह से एनीमिया का सही उपचार लें जिसमे हेमेटेनिक,आयरन इंजेक्शन शामिल हो।जरूरत पढ़ने पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की भी जरूरत पढ़ती है जो की अस्पताल में उपलब्ध रहती है।

लेखक -डॉ भावना राय पटेल
गाइनेकोलोजिस्ट/साइकोलॉजिस्ट/काउन्सलर
मदर एन बेबी केयर सेंटर भोपाल हें।