पूरे चतुर्मास चलेगा भोज भंडारे के साथ 51सौ नर्मदेश्वर शिवलिंग और 11 हजार रुद्राक्ष का होगा महाभिषेक
बरेली रायसेन – आजीवन नर्मदा परिक्रमा कर रहे धूनीवाले दादा के शिष्य शिवानंद महाराज ने दादाजी दरबार आश्रम मांगरोल में चातुर्मास के लिए धूनी रमाई है।

यहाँ प्रतिदिन हवन पूजन भोज भंडारे के साथ 51सौ नर्मदेश्वर शिवलिंग और 11सौ रुद्राक्ष का महा अभिषेक और भव्य महाआरती हो रही है ।
महाआरती और महा प्रसादी में प्रतिदिन सेकड़ो लोग उमड़ रहे हैं। 2 जुलाई से प्रारंभ अनुष्ठान 31 अगस्त को पूर्णाहुति तक जारी रहेगा ।
दादाजी दरबार आश्रम के मुक्तानंद महाराज ने बताया की सुबह 7 बजे दादाजी दरबार की महाआरती के साथ पूजन अर्चना का सिलसिला शुरू हो जाता है। आरती के बाद नर्मदेश्वर शिवलिंग और रुद्राक्ष का महाभिषेक , 9 बजे से बाल भोग प्रसादी। दोपहर 2 से 4 तक रुद्री हवन, 4 बजे से कन्याभोज ,साढ़े चार बजे से 6 बजे तक भगवान सत्यनारायण की कथा। शाम सात बजे से 1008 दीपों से दादाजी दरबार की महाआरती । शाम 7:30 बजे से 10 बजे से प्रारंभ महाप्रसादी देर रात तक जारी आरती है।

आकर्षण और कौतूहल का केंद्र बनी महाआरती
1008 दीपों और धूनी से उठती ज्वाला की रोशनी के बीच बड़े नगाड़े और ढोल मजीरों की थाप पर थिरकते श्रद्धालुओं के उत्साह के साथ आरती प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मां नर्मदा के भक्त और धूनी वाले शिष्य शिवानंद जी महाराज का आशीर्वाद प्रसादी पाने आसपास सेभारी भीड़ उमड़ रही है। देश के कौन कौन से गुरुजी के शिष्य पहुँच रहे है। प्रतिदिन हजारों लोग भंडारे में प्रसादी पा रहे हैं।