कण कण मे राम है,भारतीय जनात्मा मे बसे राम –विधायक देवेन्द्र सिंह
यशवन्त सराठे बरेली रायसेन
आदि पुरुष के पटकथा डायलॉग पर विधायक ने उठाए सवाल कहा ऐसे डायलॉग से सनातन धर्म की फजीहत होती है हम सबको मिलकर रोक लगाना चाहिए विरोध करना चाहिए पूरे भारत देश में चर्चा का विषय बनी फिल्म आदि पुरुष को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहा है क्योंकि उसमें मनोज मुंतशिर शुक्ला ने ऐसी डायलॉग लिखे हैं जो आम जनता को कहीं से अच्छे लग नहीं रहे हैं जिनमें सीधी भाषा और बेतुकी भाषा का प्रयोग किया गया है जो जनमानस को अच्छी नहीं लग रही है इसी फिल्म के ऊपर क्षेत्र के विधायक देवेंद्र सिंह पटेल से भी सवाल जवाब किए गए उन्होंने कहा कि धर्म की एक मर्यादा होती है धर्म हमारे कण-कण में बसा हुआ है हमारी आस्था का सवाल है भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम उनकी तुलना आदि पुरुष जैसी फिल्मों से नहीं की जा सकती वह तो अखंड ब्रम्हांड नायक है जगत पालनहार हैं उनके परम प्रिय भक्त श्री हनुमान जी महाराज जी के ऊपर जो डायलॉग लिखे गए हैं वह अपने आप में बेथिथ करते हैं और मैं तो मांग करता हूं जिसने भी ऐसे डायलॉग लिखी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए धर्म किसी का भी हो उसकी आस्था होती है उसके साथ खिलवाड़ नहीं की ना जाने चाहिए हम आज आधुनिक युग में जी रहे हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं की भाषा शैली उटपटांग भाषा में लिखी हो जो समझ से परे हो हम युवा पीढ़ी को क्या संदेश देना चाहते हैं हमारे हनुमान जी तो परम प्रिय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के अनन्य भक्त थे मैं तो जनता जनार्दन से अनुरोध करूंगा कि ऐसी दोयम दर्जे की हल्की फिल्मों का पुरजोर तरीके से विरोध करें और बाय काट करें अगर धर्म है तो हम सब हैं किसी को भी हमारे धार्मिक ग्रंथ पर उनके पात्रों पर अनर्गल बयानबाजी बेतुके डायलॉग लिखने का कोई अधिकार नहीं है साथ ही फिल्म बोर्ड एवं केंद्र सरकार को भी इस पर एक्शन लेना चाहिए और ऐसी फिल्मों पर तुरंत रोक लगा कर ऐसे लोगों पर कानूनन कार्यवाही करना चाहिए ताकि यह संदेश जा सके कि धर्म के साथ खिलवाड़ ना हो इसकी पुनरावृत्ति ना हो विधायक पटेल ने आगे कहा कि फिल्मी ही बनाना है तो अच्छी भाषा शैली में मर्यादा में फिल्म बनाओ जिससे कुछ लोग सीखे ग्रहण करें आज भी हमें वह दौर याद है जब रामानंद सागर ने रामायण टीवी पर दिखाई थी जो आज भी हम सब को मार्गदर्शन देती है उसका हम अनुसरण करते हैं पालन करते हैं उससे ऐसे निर्माता-निर्देशक को सीखना चाहिए और सीख लेनी चाहिए और देश की करोड़ हिंदू भाइयों माताओं बहनों से सनातन धर्म से माफी मांगनी चाहिए