भोपाल। हमीदिया रोड…अस्त व्यस्त ट्रैफिक, दिन में कई बार जाम और फिर लोगों के बीच विवाद, यह इस रोड पर रोज की बात है। चार वर्ष पहले इस सड़क की मरम्मत की गई थी तब यह 80 फीट चौड़ी थी। इसके साथ ही रोड के दोनों तरफ पांच-पांच फीट के फुटपाथ बनाए गए थे। अब हालात ये हैं कि अतिक्रमण से 80 फीट की ये सड़क अब 40 फीट की ही बची है जबकि ये रोड रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और चौक बाजार को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। सड़क के दोनों ओर बनाए गए पांच-पांच फीट के फुटपाथ पर पार्किंग की जा रही है और गुमठी-ठेले लगाए जा रहे हैं। रविवार को तो फुटपाथ पर पूरा बाजार ही सजता है लेकिन जिस काम के लिए ये बना है, बस वही नहीं हो रहा है। ये कहानी एक सड़क की नहीं बल्कि पुराने शहर के ज्यादातर मार्गों के यही हालात हैं।
फुटपाथ पर जूते, टी-शर्ट, मोबाइल एसेसरीज का बाजार
चार वर्ष पहले 22 करोड़ रुपये की लागत से हमीदिया सड़क पर बड़ा मरम्मत कार्य कराया गया था। तब यहां सड़क के दोनों ओर पांच-पांच फीट जगह फुटपाथ के लिए छोड़ी गई थी लेकिन अल्पना टाकीज से डीआइजी बंगले तक एक किलोमीटर सड़क के दोनों ओर फुटपाथ गायब हो चुका है। सड़क किनारे जिनकी दुकानें हैं, उन्होंने भी फुटपाथ से लेकर सड़क तक दुकान का समान सजा रखा है। अन्य स्थानों पर कपड़े, जूते, मोबाइल एसेसरीज, खानपान की दुकानें और फल सब्जी के ठेले लगाए जा रहे हैं। इससे सड़क के दोनों ओर केवल 20-20 फीट जगह वाहनों के लिए चलने को बचती है और यहीं पर पैदल यात्रियों को भी चलना पड़ता है।
अतिक्रमण इतना कि 1.2 किमी दूरी तय करने में लगते हैं 20 मिनट
सड़क पर ही आटो रिक्शा और निजी वाहन पार्क कर दिए जाते हैं जिससे व्यस्त समय में यहां जाम लगना आम है। मुख्य रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक 1.2 किलोमीटर की दूरी पार करने के लिए वाहन चालकों को 15 से 20 मिनट लग जाते हैं। यही हाल बैरसिया, करोंद और छोला मार्ग का है। यहां भी अधिकतर सड़कों के किनारे बनाए गए फुटपाथ या तो खत्म हो गए या इन पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है।
इन मार्गों से फुटपाथ गायब
भारत टाकीज रोड, पीरगेट, हमीदिया रोड, भोपाल टाकीज से सिंधी कालोनी चौराहा, रायल मार्केट, मोतिया तालाब रोड, चौक बाजार, लखेरापुरा, घोड़ा नक्कास, सुल्तानिया रोड, मंगलवारा, माडल ग्राउंड, शाहजहांनाबाद, जहांगीराबाद क्षेत्र, थाना शाहजहांनाबाद से नूरमहल रोड, भोपाल टाकीज चौराहे से थाना शाहजहांनाबाद चौराहे, लाल मस्जिद से सैफिया कालेज रोड पर, जेपी नगर से डीआइजी बंगला चौराहे पर, सेंट्रल लायब्रेरी के पास इतवारा रोड, बरखेड़ी ऐशबाग फाटक के पास, तलैया, गिन्नौरी मार्ग, कोहेफिजा से करबला और कमला पार्क समेत अन्य स्थानों पर अतिक्रमण की वजह से फुटपाथ गायब हो गए हैं।
कलेक्टर की फटकार के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
बीते गुरुवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया था। उन्होंने सड़क और फुटपाथ पर फैले अतिक्रमण को एक सप्ताह में हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया है।
लोगों का आरोप- निगम कर्मचारी ही पैसे लेकर कराते हैं अतिक्रमण
शहर के मुख्य मार्ग, बाजारों और फुटपाथ से कब्जा हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। यदि कभी शिकायत के बाद निगम अमला कार्रवाई करने जाता भी है, तो अतिक्रमणकारियों को पहले सूचना दे दी जाती है। रहवासियों का आरोप है कि निगम के पार्षद, दरोगा, वार्ड प्रभारी और अतिक्रमण अमले में तैनात कर्मचारी ही पैसे लेकर सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण कराते हैं।
इनका कहना
नगर निगम का अतिक्रमण अमला प्रतिदिन मुख्य मार्ग, बाजार, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने का काम कर रहा है। हमीदिया रोड समेत अन्य स्थानों पर भी समय-समय पर कार्रवाई होती है। जल्द ही सड़क और फुटपाथ को फिर अतिक्रमण मुक्त बनाएंगे।
– केवीएस चौधरी, आयुक्त नगर निगम
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