ग्वालियर: अचलेश्वर मंदिर के सामने वाले मार्ग पर सोमवार को भी अव्यस्थाएं रहीं। मंदिर के सामने सुबह से देर रात तक जाम की स्थिति रही। मंदिर के सामने से ट्रैफिक रेंगकर चला। मंदिर के दोनों साइड प्रसाद और बेलपत्र वाले बैठ गये थे। भगवान अचलनाथ के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन पार्क करने का स्थान चिन्हित नहीं होने से मंदिर के चारों तरफ चार पहिया और दोपहिया वाहन पार्क होने से ट्रैफिक की चाल बिगाड़ गई। इससे पहले नटराज सभागार से एमएलबी कालेज के गेट तक 200 से अधिक दोपहिया वाहन पार्क हो जाते थे। एसडीएम विनोद सिंह का कहना है यह व्यवस्था मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई है।
अचलेश्वर न्यास में व्याप्त अनियमिताओं का मामला कोर्ट तक पहुंच गया। न्यायालय ने न्यास को भंग कर मंदिर की संचालन की व्यवस्था जिला प्रशासन को दे दी है। मंदिर के संचालन का दायित्व फिलहाल एसडीएम विनोद सिंह के हाथ में है। और मामला कलेक्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के बाद कलेक्टर ने न्यास से जुड़ी फाइल को अध्ययन के लिए सुरक्षित कर लिया है।
पहले यह थी व्यवस्था
अचलेश्वर मंदिर आफिस के पास नटराज सभागार के सामने दोपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था थी। श्रद्धालुओं को अपने दोपहिया वाहनों को चिन्हित स्थान पर पार्किंग के लिए मंदिर के सामने से निकलना पड़ता था। वाहनों के निकलने के कारण श्रद्धालु को परेशानी होती थी।
सोमवार को यह था दृश्य
सोमवार को मंदिर के सामने जाम की स्थिति सुबह से रात तक रही। श्रद्धालु वाहन पार्क करने के लिए स्थान तलाशते नजर आए। सोमवार को नए वाहनों का पूजन करने के लिए आने वाले लोगों ने मंदिर के सामने रोड पर वाहन खड़े कर पूजन कराया। पहले वाहनों का पूजन नटराज सभागार के पास होता था। नंदी महाराज के पीछे दोपहिया वाहनों का गुच्छा सा बन गया। कुछ लोग रोड पर ही वाहन रोककर दर्शन कर रहे थे। इससे यहां जाम लग रहा था।
यह की व्यवस्था
एसडीएम ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए नटराज सभागार के सामने पार्किंग को समाप्त कर इस मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रति सोमवार स्टाफ को सुबह से ही बैरीकेड स लगाने के लिए निर्देश दिए। इससे श्रद्धालुओं को राम दरबार, अचलेश्वर मंदिर में आने-जाने में आसानी हो गई। किंतु ट्रैफिक की चाल बिगड़ गई है।
व्यवस्था परिवर्तन में पार्किंग का स्थान चिन्हित नहीं किया
इस नई व्यवस्था से मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए अब कोई स्थान वाहन पार्किंग के लिए चिन्हित नहीं हैं। इसके कारण श्रद्धालु को जहां स्थान नजर आता है। वहीं गाड़ी पार्क कर दर्शन करने के लिए जाते हैं। मंदिर में प्रति सोमवार दर्शन करने के लिए विष्णु राठौर का कहना है नई व्यवस्था लागू करने से पहले पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित करना था, ताकि श्रद्धालु उसी स्थान पर वाहन पार्क करते। इसके साथ ही प्रसाद व फूल व बेलपत्र बेचने वालों को व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
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