देवेंद्र तिवारी साँची रायसेन
सांची ऐतिहासिक स्थल है इस स्थल पर व्यवस्था जुटाने एवं समस्या निदान के लिए परिषद प्रशासन को अस्तित्व में लाया गया परन्तु नगर की सड़कों गलियों में आवारा पशुओं पर नियंत्रण रखने में प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हो चुका है जिससे कभी कभी आवारा पशुओं का शिकार लोगों को होना पड़ता है ।
जानकारी के अनुसार यह स्थल विश्व भर में प्रसिद्ध तो है ही यहां देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है इस स्थल की कमान शासन द्वारा इसकी ऐतिहासिकता को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन को सौंपी गई है जबकि नगर परिषद प्रशासन में सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी भरे हुए हैं सबसे बड़ी बात तो यहां यह दिखाई देती है कि नगर परिषद में ही कर्मचारियों के नाते दारोमदार की भरमार की गई है इतना ही नहीं इस परिषद प्रशासन से वेतन के रूप में लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं परन्तु यहां पदस्थ कर्मचारियों को अन्यत्र पदस्थ किया गया है जो संदेहास्पद बना हुआ है इतना ही नहीं पदस्थ कर्मचारी खुलेआम राजनीतिक लिवास पहन कर अपने कार्य को अंजाम देने में पीछे नहीं दिखाई देते तथा न तो यहां पदस्थ अधिकारियों ने ही कर्मचारियों को ही इस स्थल की चिंता ही रह पाती है जिससे इस स्थल पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं पर नजर पहुंच सकें नगर में भर में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित नगर की सड़क गलियों में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी प्रशासन को न हो परन्तु लचर व्यवस्था के चलते इनपर लगाम लगाने की जहमत नहीं उठाई जाती जिसका खामियाजा नागरिकों सहित पर्यटकों को भोगना पड़ता है राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठने वाले आवारा पशुओं से हजारों की संख्या में चलने वाले वाहन चालकों को मुसीबत खड़ी कर देते हैं इतना ही नहीं कभी कभी तो बेजुबान पशुओं को वाहनों की चपेट में आने से तड़पते हुए भी देखा जाता है नगर की सड़कों मुहल्लों में आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी से लोगों को चोटिल भी होना पड़ता है हालांकि ऐसा नहीं है कि सरकार ने इन पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए गौशालाओं का निर्माण न किया हो बावजूद इसके इन पशुओं को गौशालाओं में न भेजकर मौत के मुंह में जिम्मेदार ढकेलने में कोई कौर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं आवारा पशु झगडते हुए लोगों को घायल कर देते हैं समीपस्थ ग्राम गुलगांव में सरकार की लाखो रुपए की लागत से निर्मित गौशाला सूनी बनी रहती है रायसेन तिराहे के समीप भी गौशाला बनी हुई है बावजूद इसके प्रशासन इन पशुओं की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं कर पा रहा है जिससे लोगों को परेशानी उठाने पर मजबूर होना पड़ता है ।

नगर में खुलेआम गंदगी फैलाते आवारा सुअरों की भरमार
यही हाल नगर में आवारा सुअरों का भी बना हुआ है नगर में खुलेआम आवारा सुअरों की भरमार है तथा नगर भर में आसानी से आवारा सुअरों को गंदगी फैलाते देखा जा सकता है इनके गंदगी फैलाने से नगर में विभिन्न गंभीर बीमारियों का खतरा तो खड़ा हो ही जाता है बल्कि बदबू फैलाते दिखाई दे जाते हैं हालांकि इन आवारा सुअरों के मामले नगर परिषद प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों के अनेक बार संज्ञान में लाने के बाद भी स्थिति जस की जस बनी हुई है लगता है स्थानीय प्रशासन आवारा पशुओं पर लगाम लगाने में अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है जिससे लोगों को इसका खामियाजा भोगने पर मजबूर होना पड़ रहा है ।