बुरहानपुर। बुरहानपुर के डीएसएस द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से पुलिस थाना खकनार क्षेत्र अंतर्गत सूचनाकर्ता द्वारा बाल विवाह होने के सूचना दी गई, चाइल्ड लाइन जिला समन्वयक पवन पाटील द्वारा बताया गया की सूचना देने वाले व्यक्ति ने कलेक्टर महोदया से बाल विवाह रोकने हेतु निवेदन किया था।
जिस पर मामले को संज्ञान लेते हुए तत्काल जिला कार्यक्रम अधिकारी सुमन कुमार पिल्लई द्वारा चाइल्ड लाइन एवं स्थानीय परियोजना अधिकारी को पत्र के माध्यम से मामले में जांच कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया। जिसके परिपालन में चाइल्डलाइन टीम को विभाग की आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक मंदा मोरे के साथ बालिका के घर भेजा गया।
टीम द्वारा घर पर उपस्थित बालिका एवं उसके परिजनों से केस के संबंध में चर्चा की एवं बालिका के जन्म संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया जिस पर बालिका के परिजनों द्वारा केवल बालिका का आधार कार्ड टीम के समक्ष प्रस्तुत किया जिसमें बालिका की 19 वर्ष की पाई गई।
परंतु बालिका को देखते हुए वह बालिक़ नजर नहीं आई, टीम मेंबर द्वारा बालिका के परिजनों से उसके स्कूल से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जिस पर परिजनों द्वारा बालिका का स्कूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जिसके अनुसार बालिका की आयु वर्तमान में 17 वर्ष की है।
टीम द्वारा बालिका एवं उसके परिजनों को बाल विवाह कराने के दुष्परिणाम समझाएं गए एवं बाल विवाह नहीं करने की हिदायत दी एवं तत्काल बाल कल्याण समिति जिला बुरहानपुर के समक्ष प्रस्तुत होने हेतु कहां गया जिस पर उनके द्वारा सहमति देते हुए सोमवार को समिति के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा गया।
इस संबंध में टीम द्वारा मौके पर पंचनामा बनाया गया और बालिका की माता के कथन दर्ज किए। टीम द्वारा जिला बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। विजिट के दौरान महिला बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक मंदा मोरे, चाइल्डलाइन टीम मेंबर फ्रैंक एंथोनी एवं मीनाक्षी अस्वार उपस्थित थे।
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