बिजली व्यवस्था लापरवाही के चलते चौपट, नगर वासियों को अंधेरे में गुजारना पड़ती रात जलप्रदाय होता प्रभावित
देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
विश्व ऐतिहासिक स्थल की बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है इससे न केवल लोगों को अंधेरे में रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ता है बल्कि पेयजलापूर्ति भी प्रभावित हो जाती है ।
जानकारी के अनुसार इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की बिजली पूरी तरह चरमरा गई है इस स्थल पर मंडल द्वारा डाली गई केविल इतनी घटिया गुणवत्ता की डाली गई है इसका जीता जागता उदाहरण हर कभी देखने को मिल जाता है केविल कब फाल्ट हो जाये कहा नहीं जा सकता जब चाहे केविल धूं धूं कर जल उठती है इससे न केवल बिजली व्यवस्था चरमरा उठती है बल्कि लोगों को रात रात भर अंधेरे में रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ता है इतना ही नहीं नगर की पेयजलापूर्ति भी पूरी तरह चरमरा जाती है जिससे लोगों को रात में अंधेरे में मच्छरों के बीच रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ता है बताया जाता है शाम होते ही ड्यूटी पर तैनात बिजली कर्मचारी नशे में धुत्त रहकर समस्या से अपना पल्ला झाड़ लेते हैं हद तो तब हो जाती है जब विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी कर्मचारी उपभोक्ताओं को अनाप शनाप बिजली बिल थमा देते हैं तथा सख्ती से बिजली वसूली तो की जाती है परन्तु बिजली व्यवस्था सुचारू बनाने मंडल के अधिकारी कर्मचारी व्यवस्था सुचारू बनाने में असफल साबित हो जाते हैं जिसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ता है इस नगर की व्यवस्था से जिला प्रशासन भी बेफिक्र बनकर रह जाता है तथा नगर वासियों को भगवान भरोसे रहना पड़ता है।