Let’s travel together.

महाशिवरात्रि कब है ? तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

0 253

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा से व्यक्ति को विशेष फलों की प्राप्ति होती है. इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 1 मार्च 2022, मंगलवार को मनाया जाएगा.

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन व्रत रख कर शिव-पार्वती की पूजा करने का विधान है. ऐसा माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन जो व्यक्ति बिल्व पत्र से शिव जी की पूजा करता है भगवान भोले नाथ उसकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

महाशिवरात्रि 2022, पूजा मुहूर्त, पारण का समय जान लें

महाशिवरात्रि 1 मार्च को सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 2 मार्च को सुबह 10 तक रहेगी.

पहला प्रहर का मुहूर्त-:1 मार्च शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात्रि 9 बजकर 27 मिनट तक है.

दूसरे प्रहर का मुहूर्त-: 1 मार्च रात्रि 9 बजकर 27 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक है.

तीसरे प्रहर का मुहूर्त-: 1 मार्च रात्रि 12 बजकर 33 मिनट से सुबह 3 बजकर 39 मिनट तक है.

चौथे प्रहर का मुहूर्त-: 2 मार्च सुबह 3 बजकर 39 मिनट से 6 बजकर 45 मिनट तक है.

पारण समय-: 2 मार्च को सुबह 6 बजकर 45 मिनट के बाद है.

महाशिवरात्रि पूजा विधि

महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले शिवलिंग में चन्दन के लेप लगाकर पंचामृत से शिवलिंग को स्नान कराएं.

दीप और कर्पूर जलाएं.

पूजा करते समय ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें.

शिव को बिल्व पत्र और फूल अर्पित करें.

शिव पूजा के बाद गोबर के उपलों की अग्नि जलाकर तिल, चावल और घी की मिश्रित आहुति दें.

होम के बाद किसी भी एक साबुत फल की आहुति दें.

सामान्यतया लोग सूखे नारियल की आहुति देते हैं.

प्रहर के अनुसार शिवलिंग स्नान विधि

सनातन धर्म के अनुसार शिवलिंग स्नान के लिये रात्रि के प्रथम प्रहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घृत और चौथे प्रहर में मधु, यानी शहद से स्नान कराने का विधान है. इतना ही नहीं चारों प्रहर में शिवलिंग स्नान के लिये मंत्र भी अलग हैं जानें…

प्रथम प्रहर में- ‘ह्रीं ईशानाय नमः’
दूसरे प्रहर में- ‘ह्रीं अघोराय नमः’
तीसरे प्रहर में- ‘ह्रीं वामदेवाय नमः’
चौथे प्रहर में- ‘ह्रीं सद्योजाताय नमः’।। मंत्र का जाप करना चाहिए.

इसके साथ ही व्रती को पूजा, अर्घ्य, जप और कथा सुननी चाहिए और स्तोत्र पाठ करना चाहिए. अंत में भगवान शिव से भूलों के लिए क्षमा जरूर मांगनी चाहिए.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

युवा संवाद का हुआ आयोजन , युवाओं से कहा सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में लें भाग       |     पीएम कॉलेज में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण       |     भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा, सात मोर्चों के जिला प्रभारी नियुक्त     |     मानने, जानने, एवं करने में छिपा है जीवन का रहस्य- ब्रह्मचारी जी महाराज     |     स्वर्णकार श्रेष्ठ फाउंडेशन द्वारा 26 जुलाई को इंदौर में सम्मान समारोह एवं विशाल परिचय सम्मलेन     |     शिक्षा मंत्री ने किया ‘सर्वोदय ज्ञान कुंभ’ का शुभारंभ     |     आस्था का केंद्र  गायत्री मंदिर, 50 गांवों के श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रमुख धाम     |     तीर्थधाम ज्ञानोदय  में श्रद्धा के साथ मनाया गया भगवान नेमिनाथ मोक्ष कल्याणक महोत्सव, गूंजे जयकारे     |     12 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, गीदगढ़ टोला में कच्चा मकान क्षतिग्रस्त, घोड़ा चौक नदी उफान पर     |     बेगमगंज मे कांग्रेस का रात्रिकालीन एक घंटे चक्काजाम      |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811