पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख और पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ (79) का निधन हो गया है। मुशर्रफ पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने रविवार सुबह दुबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। 1999 में तख्तापलट कर मुशर्रफ ने करीब एक दशक तक पाकिस्तान की सत्ता संभाली। करगिल युद्ध के पीछे मुशर्रफ का हाथ ही माना जाता है। मुशर्रफ के कार्यकाल के दौरान भारत-पाक के रिश्तों में ज्यादा प्रगति नहीं हुई।मुशर्रफ का जन्म 11 अगस्त, 1943 को दिल्ली में हुआ था।
मुशर्रफ जब चार साल के थे, तब उनके माता-पिता विभाजन के दौरान पाकिस्तान चले गए।परवेज मुशर्रफ के पिता ने विदेश मंत्रालय में नौकरी की, जबकि उनकी मां एक टीचर थीं। 18 साल की उम्र में वो सेना में शामिल हो गए थे। 1965 में भारत के खिलाफ युद्ध में लड़ाई के लिए उन्हें वीरता पुरस्कार दिया गया। 1998 में उन्हें सैन्य प्रमुख बनाया गया।मुशर्रफ ने 1999 में पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट किया और तानाशाह बन गए।
तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने पद से हटना पड़ा।नवाज शरीफ को अपने परिवार समेत पाकिस्तान भी छोड़ना पड़ा था। परवेज मुशर्रफ ने 20 जून 2001 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति पद की कमान संभाली। इस पद पर वह 2008 तक रहे।साल 2012 में पाकिस्तान की संसद ने मुशर्रफ के लौटने पर उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया। अगले साल वो पाकिस्तान लौटे।
देशद्रोह मामले में मुशर्रफ को सुप्रीम कोर्ट द्वारा समन जारी किया गया। इस बीच, मुशर्रफ की तबीयत खराब हो गई और वो इलाज के लिए विदेश चले गए।
अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया। कोर्ट की तरफ से उन्हें पेश होने का आदेश दिया गया, लेकिन वह वापस नहीं आए। 2019 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई, तब तक वह दुबई में रहने लगे थे।
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