भोपाल: मध्य प्रदेश में चुनावी काउंटडाउन शुरू हो गया है। जहां एक और राजनीतिक दल में अपने सभी संभावित उम्मीदवारों सहित कार्यकर्ताओं को मैदान में उतर कर काम करने के निर्देश दे दिए हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश का निर्वाचन आयोग भी लगातार चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने गुरुवार को मीडिया के साथियों से बातचीत करते हुए यह बताया कि पिछले साल की गतिविधि हुई थी पिछले 1 माह के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र में बीएलओ की उपस्थिति में आवेदन प्राप्त किए गए थे, नाम जोड़ने के नाम हटाने के, उसमें जो कार्यवाही हुई उसकी वस्तुस्थिति यह है कि जब उन्होंने ड्राफ्ट रोल का पब्लिकेशन किया था तब 5,26,00,000 मतदाता थे अब वो बढ़कर के 5,39,00,000 हो गए है जिसमें 13,39,000 लोग बढ़े हैं।
• महिलाओं ने मारी है बाजी
बता दें कि मतदाता सूची में नए नाम दर्ज कराने को लेकर के प्रदेशभर के महिलाओं ने बाजी मारी है। इसे लेकर पदाधिकारी राजन ने ये बताया कि अच्छी बात यह है कि जहां पुरुष की संख्या 6,32,000 है जबकि महिलाओं की संख्या 7,06,000 है मतलब महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ी है और प्रदेश में 52 जिले हैं इनमें से 41 जिलों में महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा बढ़ी है। वही उन्होंने यह भी बताया कि 80 से ऊपर के जो वृद्ध मतदाता है उनकी संख्या 7,40,000 के आसपास है और जो हमारे दिव्यांग मतदाता है उनकी संख्या 5,07,000 है। हम लोगों ने थर्ड जेंडर को भी इनरोल किया है उनकी संख्या 1432 है।
• क्या है रिमोट वोटिंग
कई बार घर से दूर रहने के कारण क्षेत्र में होने वाले चुनाव में लोग शामिल नहीं हो पाते थे। इसे लेकर भारत निर्वाचन आयोग एक प्रक्रिया पर विचार कर रहा है। उसके बारे में बताते हुए अनुपम राजन ने ये बताया कि कई बार बहुत सारे लोग इस कारण से वोट नहीं कर पाते हैं क्योंकि वह उस स्थान पर नहीं रहते हैं, मतदान दिनांक पर उपस्थित नहीं रह पाते हैं। कई बार नौकरी के कारण या पारिवारिक कारणों से या पढ़ाई करने के लिए शादी हो जाने के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, ऐसे लोगों को मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने एक रिमोट वोटिंग मशीन के माध्यम से मतदान करने का विचार किया है जो अभी जिसकी प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
उन्होंने ये बताया कि जो वर्तमान वोटिंग मशीन है उसका एक एडवांस वर्जन है। उसमें एक डायनमिक स्क्रीन होगी, इसमें आप जिस विधानसभा क्षेत्र के मतदाता है। उसमें वहां बता कर के आप मतदान की सुविधा ले सकते हैं। इस पर और चर्चा के लिए, सुझाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने इसी महीने के 16 तारीख को दिल्ली में विज्ञान भवन में राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक का आयोजन किया है, जिसमें उनसे चर्चा की जाएगी, सलाह ली जाएगी और उसके बाद जो कानूनी संशोधन है वह किए जाएंगे। ऐसी जानकारी मिल रही है कि ये प्रक्रिया जल्द ही आप सबके पास आ जाएगी।
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