–दबंगों ने उजाड़ी आदिवासियों की फसल
-आदिवासियों को जाति सूचक गालियां दीं, जान से मारने की धमकी भी दी
-सहरिया क्रांति संयोजक संजय बेचैन ने प्रशासन से की दबंगों से जमीन मुक्त कराने की मांग
शिवपुरी।ग्राम भानगढ़ में गरीब आदिवासी द्वारा बोई गई उड़द की फसल को नष्ट कर उसके स्थान पर दबंगों द्वारा स्वयं की सरसों की फसल बोए जाने का मामला सामने आया है। आदिवासियों ने जब विरोध किया तो उन्हें जातिसूचक गालियां देकर*दबंग बोले -जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर कचरे के साथ जमीन में दबा दूंगा आदिवासियों को* फिर मौके से खदेड़ दिया। पीडि़त आदिवासियों ने सहरिया क्रांति स्वंयोजक संजय बेचैन के माध्यम से इस मामले की शिकायत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंसती आदिवासी और उसके परिजनों की ग्राम भानगढ़ में पट्टे की जमीन है जिस पर आदिवासियों ने उड़द की फसल बोई हुई थी। इस जमीन पर बीते दिनों खेरू धाकड़, दयाल धाकड़, बनवारी धाकड़, बालकिशन धाकड़, बल्लू धाकड़, सुघर सिंह बघेल आदि के द्वारा उड़द की की फसल को नष्ट कर दिया और आदिवासियों को मौके से खदेड़ दिया। विरोध करने पर दबंगों ने आदिवासियों को जातिसूचक गालियां दीं। इस मामले की शिकायत जब हल्का पटवारी अनुराग जैन से की गई तो पटवारी ने दबंगों से मोटी रकम लेकर सर्वे नम्बरों में हेरफेर आदिवासी की जमीन का गलत सीमांकन कर दिया। इस मामले की शिकायत जब सुभाषपुरा थाने में की गई तो वहां भी पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और आदिवासियों को डरा धमकाकर थाने से भगा दिया गया। इस पूरे मामले में अब सहरिया क्रांति ने प्रशासन से मांग की है कि बसंती आदिवासी की जमीन दबंगों के कब्जे से वापस दिलवाई जाए नहीं तो सहरिया क्रांति इस मामले में आंदोलन करेगी।