-पश्चिम रेंज के मुश्काबाद बीट के बांसिया में तोड़े गए हैं 10 आदिवासियों के घर
-वन विकास निगम ने दिया है कार्रवाई को अंजाम
सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की रिपोर्ट
पश्चिम रेंज के मुश्काबाद बीट के बांसिया में आदिवासियों के घर तोड़े जाने का मामला अब गर्मा गया है। मनावर क्षेत्र क्रमांक 199 के विधायक डॉ हिरालाल अलावा ने पत्र क्रमांक 841/एमपी एमएलए/2022 दिनांक 10 अक्टूबर को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान से पीढ़ियों से काबिज़ आदिवासियों के घर तोड़े जाने को लेकर वन विकास निगम के ज़िम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 9 अक्टूबर 2022 को नियमों की अवमानना कर पीढ़ियों से अपनी जमीन पर काबिज 10 आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़ दिया गया है। जिससे पीड़ित आदिवासी परिवारों के समक्ष आवास, आजीविका एवं जीवन का संकट पैदा हो गया है।विदित हो कि काबिजों को अतिक्रमणकारी बताकर वन विकास निगम द्वारा बेदखली की कार्यवाही के विरूद्ध अनुविभागीय अधिकारी रायसेन के समक्ष भारतीय वन अधिनियम की धारा 4 में अधिसूचित धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए लंबित है। पीढ़ियों से काबिज आदिवासियों की उक्त भूमि किसी भी कानून के तहत वन विकास निगम को आवंटित नहीं किया जा सकता है।इन काबिजों के संबंध में वर्ष 2018 में ग्राम सभा के द्वारा विधिवत प्रस्ताव भी पास किया गया एवं अनुविभागीय अधिकारी रायसेन ने वन विकास निगम के प्रबंधक एवं वनमंडल अधिकारी रायसेन को पत्र भी लिखा था।

उन्होंने सीएम से रायसेन के मुश्काबाद बांसिया में पीढ़ियों से काबिज आदिवासियों के घरों को तोड़ने वाले वन विकास निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट एवं आईपीसी की संबंधित धारा में मामला दर्ज करने एवं पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि वन विकास निगम ने बांसिया के दस आदिवासी परिवारों के घर तोड़ दिए हैं। इसी मामले की शिकायत पीड़ित आदिवासियों ने रायसेन कलेक्टर से जनसुनवाई में भी की है। वहीं पीड़ित आदिवासीयों कमल सिंह, वीरभान सिंह ने वन विकास निगम कर्मियों पर मारपीट के भी आरोप लगाए हैं।
