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भाजपा नेता की मौत से भी नही लिया सबक, सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज के नही भराए गड्डे अब तो सरिये भी निकले बाहर

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भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 स्तिथ सलामतपुर रेलवे फाटक पर बना है ओवरब्रिज
-रोज निकलते पच्चीस हजार से अधिक वाहन,एक किलो मीटर लंबा है ब्रिज
-600 मीटर क्षेत्र में दोनों तरफ हो गए बड़े बड़े गड्ढे

सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की ग्राउंड रिपोर्ट

एमपीआरडीसी विभाग के गैरज़िम्मेदाराना रवैये के चलते करोड़ों रुपए लागत के सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज के गड्डो में गिरकर कई लोगों की मौत हो रही हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ही भाजपा नेता व पूर्व सरपंच संतोष मीणा की भी मौत इन्ही गड्डो की वजह से हुई है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी विभाग के कानों में जूं तक नही रेंग रही है। अब तो हद हो गई है कि इन गड्डो में से सरिये भी बाहर निकल आए हैं। यह रेलवे ओवरब्रिज भोपाल-विदिशा स्टेट हाइवे 18 स्तिथ सलामतपुर रेलवे फाटक पर बनाया गया था। जो 9 साल में ही दरक गया है। पुल के ऊपर बना फूटपाथ कई जगह से टूट गया है। वहीं ब्रिज के दोनों तरफ लगभग 6 सौ मीटर एरिया में बीच में आठ से दस इंच चौड़ी दरारे व गहरे गड्ढे हो गए हैं। और तो और अब इन गड्डो में से सरिये भी बाहर निकल आए हैं। जिसमें दो पहिया वाहनों के साथ साथ चार पहिया वाहनों के टायर फस जाते हैं। जिससे आए दिन दुर्घटना होती रहती है। बीते नो वर्षो में दो दर्जन से अधिक लोग ब्रिज पर दुर्घटना के कारण काल के गाल में समां चुके हैं। ब्रिज के पिलर भी धीरे धीरे धसक रहे हैं। जिससे ब्रिज में दरार बढ़ती जा रही हैं। इस ब्रिज का निर्माण वर्ष 2011 में मध्य प्रदेश ब्रिज कारपोरेशन द्वारा 6 करोड़ की लागत से कराया गया था। यह ब्रिज 2013 में बन कर तैयार हुआ था। अपने बनने के साथ ही यह विवादों में आ गया था। ब्रिज कारपोरेशन के तत्कालीन एसडीओ जो अब सेवानिवृत हो चुके हैं को आपत्ति थी की जिस एरिया में ब्रिज बनाया जा रहा है। वह क्षेत्र ब्लैक कॉटन स्वाइल क्षेत्र है। ब्रिज के पिलर की गहराई कम रखी गयी है। पुल धीरे धीरे धसक जाएगा। लेकिन ब्रिज बना रहे ठेकेदार जो तत्कालीन केन्दीय मंत्री के खासम खास थे के ऊँचे रसूख के चलते तत्कालीन एसडीओ की नही सुनी गई तो उन्होंने दुखी होकर अपना स्थानांतरण करा लिया था। पिछले 9 सालों में एमपीआरडीसी कई बार रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत करा चुकी है। लेकिन अब फिर ब्रिज में बड़ी दरारें व गहरे गड्ढे हो गए हैं। आलम यह है की ब्रिज पर इतनी दुर्घटना होने लगी हैं कि कई झोलाछाप डॉक्टरों व अस्पतालों ने तो ब्रिज पर लिखवा दिया है की दुर्घटना होने पर संपर्क करें।

 

इस ब्रिज से रोज ही कोई न कोई वीआईपी गुजरता है-सप्ताह में एक बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी इसी रेलवे ओवरब्रिज से निकलते हुए विदिशा जाते हैं। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यहीं से आना जाना करते रहते हैं। और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है यह रेलवे ओवरब्रिज।उसके बाद भी अधिकारियों द्वारा इस और कोई भी ध्यान नही दिया जा रहा है।

कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना--यह ब्रिज दिल्ली मुम्बई मेन रेलवे ट्रैक पर बना है। जिस पर से हर चार मिनिट में ट्रेन निकलती हैं। किसी दिन कोई वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर नीचे से निकल रही ट्रेन पर गिर सकता है।जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। फिर भी एमपीआरडीसी विभाग के अधिकारी गेर ज़िम्मेदार रवैया अपनाए हुए हैं।

रेलवे ओवरब्रिज में बड़ रहा है गेप— खोहा के सरपंच कालूराम मीणा ने बताया की रेलवे ओवरब्रिज की सड़क के बीच में बड़े बड़े गड्ढे व लंबी लंबी दरारें आ गईं हैं। जिसमें वाहन का टायर फंस जाता है। उनकी मोटरसाईकिल भी कई बार दरारों में फंस चुकी है। ग्राम गाडरखेड़ी के यशवंत राजपूत, सलामतपुर के कैलाश गोस्वामी, अशोक त्रिपाठी, मयंक साहू, दीपक अहिरवार, हसन मंसूरी आदि का कहना है कि पुल के निर्माण में लापरवाही बरती गई है। समय रहते ध्यान नही दिया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

इनका कहना है।
रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य घटिया स्तर का किया गया था। जिसकी वजह से कुछ साल में ही रेलवे ओवर ब्रिज में जगह जगह गड्ढे और बीच में दरार आ गई है। जिसमें वाहन का टायर फंस जाता है। इसी कारण ब्रिज पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कुछ दिन पूर्व ही पूर्व सरपंच संतोष मीणा की भी मौत इन्ही गड्डो की वजह से हुई है।
रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच ग्रापं. रातातलाई।

रेलवे ओवरब्रिज का घटिया निर्माण किया गया है। जिसकी वजह से ब्रिज में जगह जगह गहरे गड्डे हो गए हैं। और तो और अब तो गड्डो में से सरिये भी बाहर निकल आए हैं। निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई होना चाहिए।
हमज़ा जाफरी, पूर्व उपसरपंच सलामतपुर।

सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 2013 में हुआ था। लेकिन ब्रिज बनने के कुछ समय बाद ही ब्रिज में दरारें आ गईं थी। यह ब्रिज भोपाल-विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर बना है। इस मार्ग पर यातायात का बहुत अधिक दवाब रहता है। ब्रिज के बीचों बीच दोनों और बड़ी बड़ी दरारें आ गईं हैं। इन दरारों में बाइक का टायर घुस जाता है। जिसकी वजह से चालक गिर कर घायल हो रहे हैं।
नीरज जैन बंटी भैया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलामतपुर

में प्रतिदिन सलामतपुर से भोपाल मोटरसाइकिल से अपडाउन करता हूं। इसी रेलवे ओवरब्रिज से निकलता हूं।ब्रिज पर लंबी लंबी दरारें और गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं। और साइडों से ब्रिज टूट गया है। यहां से निकलने में जान का खतरा लगता है कि कहीं ये ब्रिज गिर ना जाए।
साजिद खान, स्थानीय निवासी सलामतपुर।

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