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साहेब…हमें शिक्षा एवं राशन दिला दो,शिव के राज में गरीब परिवार परेशान

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अभिषेक असाटी बक्सवाहा

देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुखिया तमाम योजनाओं को चलाने के बादे करते हैं लेकिन उन्हीं के अधिकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं कर रहे है और मनमर्जी से अपने काम करते हैं।
ऐसा ही मामला आज फिर देखने को मिला जब निमानी पंचायत के आदिवासी बाहुल्य के ग्राम पंचायत के अदिवासी लोग कदमताल करते हुये बक्सवाहा तहसील प्रांगण पहुंचे और एसडीएम एवं तहसीलदार को ज्ञापन देकर अपनी व्यथा सुनाई लोगों का कहना है कि हमारी ग्राम पंचायत निमानी से विकासखंड बक्सवाहा की दूरी 16 किलोमीटर की है बच्चों को पढ़ने के लिए पैदल या साइकिल का उपयोग करना पड़ता है जून माह में कक्षा दसवीं तक के लिए विद्यालय चालू हुआ था लेकिन सितंबर माह से ही वह विद्यालय निमानी के बदले बाजना में प्रारंभ कर दिया गया वही घटिया सड़क निर्माण के कारण सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है मई माह में डामरीकरण हुआ था लेकिन निर्माण सही तरीके से ना होने पर उसमें बहुत बड़े बडे गड्ढे एवं सडक पूर्ण तरीके से उखड़ गई जिससे लोगों को कई बार दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।


छोटे-छोटे बच्चे हैं राशन दिला दो
72 वर्षीय खुमनीबाई आदिवासी ने बताया कि मुझे आज तक समिति संचालक द्वारा राशन नहीं दिया गया है हमारे परिवार में सात छोटे-छोटे बच्चे हैं जो अपना पेट भरने के लिए गांव के लोगों से मांग कर जीवन यापन कर रहे हैं उम्र अधिक होने के कारण हम अपने परिवार का सही तरीके से भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं राशन दुकान जाने पर राशन दुकान संचालक नोनेलाल सिंह लोधी द्वारा अपशब्द बोलकर हमें भगा दिया जाता है गांव के लोगों का कहना है कि 3 माह से 10 किलो राशन की जगह सिर्फ 5 किलो राशन प्राप्त हो रहा है जिससे हम अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं जब कम राशन मिलने की बात दुकानदार से की जाती है तो कम राशन आने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
बच्चों को नहीं दी जाती शिक्षा
निमानी पंचायत के नंदराम आदिवासी, जगदीश यादव, साहब सिंह, हरगोविंद यादव,खुमनीबाईआदिवासी, लाडली बाई, पार्वती बाई, मंडोला आदिवासी, हल्काई आदिवासी एवं गांव के लोगों ने बताया हमारे गांव में सिर्फ एकमात्र स्कूल है जो महीने में कभी कभार ही खुलता है यहां पदस्थ शिक्षक शराब के नशे में धुत होकर स्कूल में बच्चों को पढ़ाने कभी कभी आते हैं स्कूल में बच्चों को मध्यान्ह भोजन कभी वितरित नही किया गया और स्कूल मे पढाई कभी देखने को नही मिली। लोगों का कहना है कि बच्चों के लिए स्कूल के अंदर गंदे पानी को पीना पड़ रहा है कई महीनों से पानी की टंकियों को साफ नहीं किया गया है जिसमें बड़े बड़े कीड़े दिखाई देते हैं गंदी पानी पीने से कई बार बच्चे बीमार भी हो चुके हैं।
आंदोलन की चेतावनी
अगर हमारी मांगों को जल्दी से जल्द पूर्ण नहीं किया जाता है हमें पक्का रास्ता पढ़ाई के लिए शिक्षा का स्तर बच्चों को मध्यान्ह भोजन सही तरीके से राशन का वितरण एवं तमाम ज्ञापन की मांगे पूर्ण नहीं की जाएंगी तो बहुत जल्दी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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