जोखिम भरी जगह जाने वालों को पुलिस ने दी समझाइश
अदनान खान सलामतपुर रायसेन
रायसेन जिले में लगातार जारी बारिश के चलते जिले का हलाली बांध लबालब हो गया है। बांध में क्षमता से अधिक पानी भरने से वेस्ट वीयर छरछरी चालू हो गई है। जो कि पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।हलाली बांध की कुल भराव क्षमता 1508 फीट है। जबकि लगातार बारिश से बांध का वाटर लेवल 1520 फिट तक पहुंच गया है। इससे बांध का ओवरफ्लो पानी विशाल झरने के रूप में पहाड़ों से नीचेेे गिर रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने से काफी तादाद में पर्यटक हलाली बांध के वेस्ट वीयर छरछरी देखने के लिए विदिशा, भोपाल, रायसेन और सीहोर जिले के सैकड़ों लोग पहुंचे। हालांकि प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। और पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से डैम के वेस्ट वीयर छरछरी के पास लोगों को नहीं जाने दिया गया। सिर्फ दूर से ही देखकर अपने आप को लोगों ने तसल्ली दी। वहीं जोखिम भरी जगहों पर जाने वाले लोगों को सलामतपुर पुलिस ने समझाइश दी। और पानी में नहाने से रोका गया। इस मौके पर सलामतपुर थाने का पुलिस बल मौजूद रहा। गौरतलब है कि 31 जुलाई रविवार को हलाली डेम में 3 लोगों की मौत हो गई थी। ये हादसा नहाते समय हुआ था। जिसमे पिता पुत्र सहित बचाने गए युवक की डूबकर मौत हो गई थी। वहीं एक अन्य युवक को बचा लिया गया था। शाम 7 बजे तक गोताखोरों को एक युवक की ही डेडबॉडी मिल पाई थी। मौक़े पर रायसेन व विदिशा जिले की पुलिस फोर्स सहित दोनो जिले के गोताखोरों की टीम नाव सहित अन्य सामान लेकर पहुंच गई थी। ये लोग भोपाल से परिवार के साथ पिकनिक मनाने हलाली डेम आए थे। जिसमें वसीम पिता दीन मोहम्मद उम्र 40 वर्ष निवासी शाहजहांनाबाद भोपाल उनका पुत्र रेहान और मोहम्मद शफ़ीक़ पुत्र मोहम्मद रफ़ीक़ उम्र 30 वर्ष निवासी आरिफ नगर भोपाल व एक अन्य युवक राहुल दोपहर में लगभग 3 बजे नहाने के लिए हलाली डेम में उतरे। लेकिन गहरे पानी में जाने के कारण वसीम उनका पुत्र रेहान व राहुल डूबने लगे। इनको बचाने के लिए आए युवक मोहम्मद शफ़ीक़ ने राहुल को तो बचा लिया। लेकिन वो वसीम उनके पुत्र रेहान व खुद को नही बचा पाए और उनकी डूबने से मौत हो गई थी। वहीं गोताखोरों की टीम ने लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद वसीम की डेडबॉडी गहरे पानी से निकाली और अन्य 2 व्यक्तियों डेडबॉडी दूसरे दिन सोमवार को मिली थी।

बार-बार समझाईश दे रही है पुलिस फिर भी नही मान रहे पर्यटक-
हलाली डेम पर हर रविवार और शनिवार को सैकड़ों की संख्या में पर्यटक भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बैरसिया व अन्य जगह से पिकनिक मनाने के लिए पहुंचते हैं। रायसेन जिले की सलामतपुर पुलिस बार बार लोगों को हलाली डेम पर आकर डेम में नहाने व सेल्फी लेने नही लेनी की समझाइश दे रही है। लेकिन उसके बाद भी लोगों की भीड़ मानने को तैयार नही है। और भारी संख्या में शनिवार व रविवार को लोग हलाली डेम पहुंच रहे हैं। यहां पर हर वर्ष डेम में डूबकर कई लोग अपनी जान गवां रहे हैं। अब प्रशासन को यहां पर पाबंदी लगाकर लोगों को आने से रोकना चाहिए।

पिछले वर्ष ही सेल्फी लेते समय महिला की हुई थी मौत–हलाली डेम पर पिछले वर्ष ही सेल्फी लेते समय छरछरी में गिरकर महिला की मौत हो गई थी। महिला का शव 7 घंटे की मशक्कत के बाद ढूंढा जा सका था।उस समय डेम की छरछरी का बहाव इतना तेज़ था कि महिला का शव शाम तक भी नही मिल सका था। कोलार भोपाल से पति पत्नी दोनों हलाली डेम घूमने के लिएं आए थे। हिमानी मिश्रा पत्नी डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा उम्र लगभग 32 वर्ष निवासी कोलार भोपाल घूमते समय हलाली डेम के पुल की बाउंड्री पर मोबाइल से सेल्फी ले रही थीं। इसी दौरान पांव फिसलने से डेम की छरछरी में तेज बहाव के साथ बह गईं। पुलिस व गोताखोरों की काफी मशक्कत के बाद 7 घंटे में महिला का शव मिल पाया था। और उसके पहले भी भी अशोका गार्डन भोपाल निवासी 24 वर्षीय युवक राहुल भास्कर की भी हलाली के वेस्टवियर छरछरी में डूबने से मौत हो गई थी। युवक का शव भी दूसरे दिन सुबह बरामद हुआ था। वही हलाली डेम के पास मिनी पचमढ़ी के कुंड में भोपाल अशोका गार्डन क्षेत्र के तीन युवकों ने सेल्फी लेने के चक्कर में पैर फिसल जाने के कारण डूबने से अपनी जान गवां दी थी। हलाली डेम पर प्रत्येक रविवार को हज़ारों लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। इस दौरान अपनी जान के साथ खिलवाड़ करते हुए छरछरी के तेज बहाव में पहुंचकर नहाते हैं। डेम पर सुरक्षा के कोई इंतेज़ाम नही है। इसलिए यहां पर कोई न कोई दुर्घटना हर सप्ताह होती है।
2 जिलों की क्षेत्र सीमा के चक्कर में हमेशा रहता है विवाद–हलाली डेम और मिनी पचमढ़ी पर 2 जिलों रायसेन और विदिशा थानों की क्षेत्र सीमा को लेकर हमेशा विवाद की स्तिथि बनती है। क्योंकि दोनों ही जगह के कुछ क्षेत्र रायसेन जिले के सलामतपुर थाना और विदिशा जिले के खामखेड़ा चौकी थाने के अंतर्गत आते हैं। कई बार बड़ी दुर्घटना के वक्त दोनों ही थाने अपनी ज़िम्मेदारी एक दूसरे पर डालकर बचते रहते हैं।