सी के पारे
भोपाल। दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय की ओर से प्रदान किए जाने वाले ‘राजुरकर राज सम्मान 2026’ के लिए साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय विनय उपाध्याय का चयन किया गया है। उन्हें आगामी 27 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के संस्थापक राजुरकर राज की स्मृति में प्रदान किया जाता है। संग्रहालय परिवार की ओर से विनय उपाध्याय के चयन की जानकारी साझा करते हुए इसे गौरव और भावनात्मक क्षण बताया गया है।
विनय उपाध्याय साहित्य, संस्कृति और संपादन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सक्रियता के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।
विनय उपाध्याय को प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने जाने की खबर से नर्मदीय समाज में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। समाज के लोगों और शुभचिंतकों ने उनके चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे नर्मदीय समाज के लिए गौरव का विषय बताया है। लोगों का कहना है कि साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनकी उपलब्धि से समाज का मान बढ़ा है।
27 सितंबर को भोपाल में होने वाला सम्मान समारोह विनय उपाध्याय के साथ-साथ उनके शुभचिंतकों और नर्मदीय समाज के लिए भी विशेष अवसर होगा।