शिवपुरी के नरवर में कोटिया मोहल्ले में घर में घुसा दुर्लभ पैंगोलिन, सर्पमित्र और वन विभाग ने किया रेस्क्यू
– रात 10 बजे घर में दिखा चींटीखोर, भीड़ जमा, सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया
– दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव पैंगोलिन का नरवर में रेस्क्यू, तस्करी के कारण संख्या खतरे में
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले के नरवर नगर के वार्ड नंबर 2 कोटिया मोहल्ले में रविवार रात करीब 10 बजे एक दुर्लभ पैंगोलिन घर में घुस आया। इसकी सूचना पर सर्पमित्र सलमान पठान और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पैंगोलिन को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाद में जंगल में छोड़ दिया।
खुद को गेंद की तरह समेट लेता है-–
सर्पमित्र सलमान पठान ने बताया कि यह जीव पैंगोलिन है, जिसे स्थानीय रूप से चींटीखोर भी कहते हैं। इसका शरीर कठोर शल्कों से ढका होता है और खतरा महसूस होने पर यह खुद को गेंद की तरह समेट लेता है। भारतीय पैंगोलिन मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहता है और चींटियों व दीमक को खाता है।

दुनिया में तस्करी के कारण इसकी संख्या खतरे में है-
पैंगोलिन एक दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है। दुनिया के कई हिस्सों में तस्करी के कारण इसकी संख्या खतरे में है। इसके शल्कों और शरीर के अन्य हिस्सों की अवैध मांग के चलते इसका शिकार और तस्करी की जाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी तस्करी वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर खतरा है।
पैंगोलिन को देखने लोगों की भीड़ जमा हुई-
पैंगोलिन के मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान सर्पमित्र और वन विभाग ने लोगों से अपील की कि वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं और यदि कोई वन्यजीव आबादी क्षेत्र में आए तो स्वयं पकड़ने के बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।