मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
बारिश के मौसम में रायसेन जिले के सांची विकासखंड का प्राकृतिक सौंदर्य इन दिनों सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। शनिवार और रविवार को हाईवे-18 स्थित कर्क रेखा, हलाली डैम और छोटी पचमढ़ी में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। भोपाल, विदिशा, बेरसिया सहित आसपास के गांवों और जिलों से आए लोगों ने प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया और मोबाइल कैमरों में तस्वीरें और वीडियो कैद किए।
कर्क रेखा बना सेल्फी प्वाइंट
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर दीवानगंज नरखेड़ा के समीप स्थित कर्क रेखा पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हाईवे से गुजरने वाले राहगीर यहां कुछ देर रुककर कर्क रेखा के स्मारक के साथ सेल्फी लेते नजर आए। कई परिवारों और युवाओं ने यहां फोटो खींचकर अपनी यादों को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया।

कर्क रेखा को बचपन से भूगोल की किताबों में पढ़ने वाले लोगों के लिए इस स्थान पर खड़े होकर फोटो लेना अपने आप में खास अनुभव बना हुआ है। यहां राजस्थानी पत्थरों से चबूतरेनुमा स्मारक बनाया गया है, जो पर्यटकों के लिए प्रमुख सेल्फी प्वाइंट बन चुका है।
21 जून को बनता है नो शैडो जोन
कर्क रेखा को लेकर सबसे ज्यादा आकर्षण 21 जून को रहता है। इस दिन सूर्य कर्क रेखा के ऊपर लगभग लंबवत स्थिति में होता है और दोपहर के समय छाया बेहद छोटी दिखाई देती है। इसी खगोलीय घटना के कारण कर्क रेखा से जुड़े स्थानों को आम बोलचाल में ‘नो शैडो जोन’ के रूप में जाना जाता है। हालांकि शनिवार-रविवार को यहां पहुंचे कई पर्यटक छाया को लेकर उत्सुक नजर आए और स्मारक के पास खड़े होकर तस्वीरें लेते रहे।

65 फीसदी भराव के बाद हलाली डैम पर भी भीड़
हलाली डैम में करीब 65 प्रतिशत पानी भरने के बाद रविवार को यहां सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भोपाल, विदिशा, बेरसिया सहित आसपास के क्षेत्रों से परिवार और युवा पिकनिक मनाने पहुंचे। डैम के चारों ओर हरियाली और पानी का मनमोहक नजारा पर्यटकों को खूब भाया। लोगों ने दिनभर यहां घूमने, फोटो खींचने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने में समय बिताया।
50 फीट ऊंचे झरने ने खींचा ध्यान
हलाली डैम क्षेत्र के समीप स्थित छोटी पचमढ़ी भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। बारिश के बाद करीब 50 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना, चारों ओर फैली हरियाली, चट्टानों के बीच बहता पानी और नीचे बना कुंड यहां पहुंचने वाले लोगों को रोमांचित कर रहा है। झरने और आसपास के प्राकृतिक नजारों को पर्यटक अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए।
छोटी पचमढ़ी का ‘ब्लू वाटर’ भी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ऊपर से गिरता झरने का पानी सफेद दिखाई देता है, जबकि नीचे कुंड में पानी का रंग नीला नजर आता है। यही नजारा पर्यटकों को यहां फोटो और वीडियो बनाने के लिए आकर्षित कर रहा है।
रोक के बावजूद कुंड में उतर रहे पर्यटक
प्रशासन द्वारा छोटी पचमढ़ी क्षेत्र में सैलानियों के जाने पर रोक लगाई गई है, इसके बावजूद कई पर्यटक वहां पहुंच गए और कुंड में नहाते तथा सेल्फी लेते दिखाई दिए। तेज बहाव और ऊंचाई वाले झरने के कारण यहां हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे में पर्यटकों को प्रशासन की रोक और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। इस कुंड में पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। एक बार 7 दोस्तों में से तीन की मौत हो गई थी तो वही एक भोपाल के युवक की भी मौत इसी कुंड में हुई है। इसके बावजूद भी सैलानी इस कुंड में नहाने से नहीं चूकते हैं।
पुराना रास्ता चालू होने से मिली राहत
हलाली डैम के पुराने रास्ते पर सीसी रोड का निर्माण पूरा होने के बाद आम लोगों और वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे पहले लोगों को नीचे बने कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता था। बारिश के कारण कच्चे मार्ग में कई जगह दरारें पड़ने और सड़क खराब होने से लोगों को परेशानी हो रही थी। पुराने रास्ते के दोबारा शुरू होने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत मिली है।
बारिश ने बढ़ाई प्राकृतिक पर्यटन की रौनक
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही दीवानगंज-सांची क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की खूबसूरती निखर गई है। एक ओर हाईवे-18 पर कर्क रेखा पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, तो दूसरी ओर हलाली डैम और छोटी पचमढ़ी के झरने लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। सप्ताहांत में उमड़ी भीड़ से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।